
राजिम :- बाजार में आम सब्जियों के साथ कुछ ऐसी भी सब्जियां मौजूद होती हैं, जिनके विषय में ज्यादा लोगों को पता नहीं होता। जिमीकंद भी ऐसी ही एक सब्जी है, जिसके बारे में कम ही लोग जानते हैं। जिमीकंद एक प्रकार का कंद-मूल है, जिसमें कई खास पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसपर हुए अध्ययनों से पता चलता है कि यह खाद्य पदार्थ शरीर को स्वस्थ बनाए रखने और स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है।
जिमीकंद (सूरन) क्या है – जिमीकंद क्या है, अक्सर यह सवाल लोगों के मन में उठता है। जिमीकंद यानी सूरन एक जड़ है, जिसे सब्जी के रूप में खाया जाता है। स्वास्थ्य के लिहाज से इसे प्राकृतिक जड़ी-बूटी भी माना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम अमोर्फोफ्लस पेओनिफोलियस है। इसे अंग्रेजी में याम के नाम से भी जाना जाता है। यह दिखने में हाथी के पैर जैसा लगता है, इसलिए इसे एलिफेंट फुट याम भी कहा जाता है। जिमीकंद एक कंद के रूप में होता है और यह अपने आप ही उगता है, लेकिन इसके गुणों को देखते हुए पिछले कुछ सालों से इसकी खेती भी की जाने लगी है। ये कई प्रकार के होते हैं।
जिमीकंद (सूरन) के फायदे – जिमीकंद खाने के फायदे कई हो सकते हैं, जिनके बारे में नीचे पूरी जानकारी दी जा रही है। बस ध्यान दें कि जिमीकंद किसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने और शारीरिक समस्याओं से बचाव करने में मदद कर सकता है। गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर से संपर्क करके उपयुक्त इलाज करवाना चाहिए। इलाज के साथ डॉक्टर की सलाह पर जिमीकंद का सेवन किया जा सकता है।

डायबिटीज में सहायक:- सूरन के फायदे डायबिटिक लोगों को भी हो सकते हैं। दरअसल, जिमीकंद में प्राकृतिक रूप से एलेंटॉइन नामक केमिकल कंपाउंड पाया जाता है। एक वैज्ञानिक शोध में बताया गया है कि एलेंटॉइन में एंटी डायबिटिक प्रभाव होता है, जो मधुमेह से ग्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है । यह लिपिड प्रोफाइल को सुधारने के साथ ही ब्लड शुगर को नियंत्रित करके मधुमेह से बचाव में फायदेमंद हो सकता है । इसके अलावा, जिमीकंद में फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है और यह लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणी में आता है। इस वजह से डायबिटीज के मरीज इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
कैंसर से बचाव में सूरन खाने के फायदे :- कैंसर से बचाव के लिए याम का उपयोग किया जा सकता है। एक शोध के मुताबिक, जिमीकंद में मौजूद एलेंटॉइन कंपाउंड कैंसर से बचाव में मददगार हो सकता है। इसके अलावा, जिमीकंद (ओल) में एल-अर्जिनिन यौगिक होता है, जो प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर की रोकथाम में अहम योगदान निभा सकता है । ध्यान दें कि जिमीकंद कैंसर का इलाज नहीं है। यह गंभीर स्थिति है, जिसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
वजन कम करने के लिए :-जिमीकंद का उपयोग वजन घटाने के लिए भी किया जा सकता है। एक अध्ययन के अनुसार, जिमीकंद में एंटी-ओबेसिटी प्रभाव होता है। जिमीकंद में मौजूद फ्लेवोनॉयड कंपाउंड की वजह से इसमें यह एंटी-ओबेसिटी प्रभाव पाया जाता है, जो मोटापा व चर्बी कम करने में सहायक हो सकता है ।इसके अलावा, जिमीकंद में फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की भरपूर मात्रा होती है। इस वजह से जिमीकंद को खाने के बाद लंबे समय तक भूख नहीं लगती है। साथ ही यह भूख को कम करके वजन घटाने में मददगार हो सकता है।
एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव :-
सूरन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव भी होते हैं, जो शरीर को कई रोगों से बचाने में मदद कर सकते हैं। विशेषज्ञों द्वारा किए गए एक शोध में कहा गया है जिमीकंद एंटीऑक्सीडेंट रक्षा प्रणाली में वृद्धि करके और इंफ्लेमेशन प्रक्रिया को कम कर कोलन कैंसर से बचाव कर सकता है ।
रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत :- महिलाओं को अचानक गर्मी लगना, नींद न आना और अजीब सा व्यवहार करना रजोनिवृत्ति के लक्षण हो सकते हैं । एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार ओल के अर्क के इस्तेमाल से रजोनिवृत्ति के लक्षण में कुछ हद तक राहत मिल सकती है ।

विटामिन-बी6 :- सूरन के फायदे में विटामिन-बी6 की कमी को पूरा करना भी शामिल हो सकता है। यह एक जरूरी पोषक तत्व है, जिसके सप्लीमेंट चिड़चिड़ेपन और चिंता जैसी समस्या को कम कर सकते हैं । इसलिए, कहा जा सकता है कि शरीर में विटामिन- बी6 की पूर्ति के लिए अन्य खाद्य पदार्थों के साथ जिमीकंद का सेवन फायदेमंद हो सकता है ।
खून की कमी :- शरीर में आयरन और फोलेट की कमी एनीमिया (खून की कमी) का कारण बनती है । यहां जिमीकंद की अहम भूमिका देखी जा सकती है। जिमीकंद आयरन के साथ-साथ फोलेट से भी समृद्ध होता है और शरीर में इन दो खास पोषक तत्वों की पूर्ति इस खाद्य पदार्थ के सेवन से की जा सकती है ।
मस्तिष्क के लिए :- जिमीकंद के फायदे मस्तिष्क को भी हो सकते हैं। दरअसल, इसमें डाइओसजेनिन नामक फाइटोस्टेरॉइड होता है। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, यह अल्जाइमर रोग (याददाश्त कमजोर होना) में सुधार कर सकता है। शोध में कहा गया है कि सामान्य अवस्था में भी यह न्यूरोनल उत्तेजना और याददाश्त क्रिया को बढ़ावा दे सकता है ।
पाचन के लिए :- सूरन खाने के फायदे में पाचन भी शामिल है। एक शोध में कहा गया है कि जिमीकंद में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन संबंधी विकार से बचाव में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर करने के साथ ही मल को मुलायम बना सकता है, जिसकी मदद से कब्ज जैसी समस्या से भी निजात मिल सकता है । साथ ही जिमीकंद डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ाने और मेटाबॉल्जिम को बेहतर करने में मदद कर सकता है।

स्किन हेल्थ :- सूरन के फायदे में त्वचा स्वास्थ्य भी शामिल है। दरअसल, जिमीकंद में विटामिन-ए और नियासिन (विटामिन-बी का एक रूप) होते हैं । ये दोनों पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक माने जाते हैं । इसी आधार पर कहा जा सकता है कि त्वचा को स्वस्थ बनाने में भी सूरन फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, यह सीधे तौर पर त्वचा के लिए कितना फायदेमंद होगा, इसे लेकर सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है।
बालों के लिए जिमीकंद खाने के फायदे :-जिमीकंद का सेवन बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें विटामिन-बी6 पाया जाता है । एक अध्ययन के मुताबिक, विटामिन-बी6 के सेवन से बालों की स्थिति में सुधार हो सकता है। साथ ही यह एलोपेशिया ग्रस्त लोगों के बाल झड़ने की समस्या को भी कम कर सकता है । फिलहाल, बालों पर जिमीकंद के सीधे प्रभाव जानने के लिए सटीक शोध की आवश्यकता है।
जिमीकंद (सूरन) का उपयोग – जिमीकंद की सब्जी बनाकर सेवन किया जा सकता है। जिमीकंद को उबालने के बाद उसे कद्दूकस करके पकौड़े बनाकर खा सकते हैं। जिमीकंद को चटनी के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं। जिमीकंद का अचार बनाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

कब खाएं :- जिमीकंद को सुबह, दोपहर या रात में सब्जी और चटनी के रूप में खा सकते हैं। इसे टुकड़े में काटकर फ्राई करके क्रंची स्नैक्स के रूप में शाम को चाय के साथ भी खा सकते हैं।
खाने की मात्रा :- आधा चम्मच जिमीकंद का अचार खाने के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा, सीमित मात्रा में जिमीकंद की सब्जी का सेवन किया जा सकता है। अगर इसका पाउडर को बतौर सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो 50g को सुरक्षित बताया गया है । वहीं, शिशुओं के फूड फॉर्मूलेशन में ऊर्जा के लिए 50 से 75 ग्राम तक जिमीकंद का पाउडर मिलाया जा सकता है। इसके अलावा, 12 से 23 वर्ष तक के लोग इसका सेवन 136 ग्राम तक कर सकते हैं । हालांकि, इसके रोजाना सेवन की सटीक मात्रा स्पष्ट नहीं है।
जिमीकंद का चयन कैसे करें और लंबे समय तक सुरक्षित कैसे रखें?
जिमीकंद हमेशा बेदाग ही खरीदें। वैसे यह भूरे रंग के होते हैं, इसलिए काले रंग के दाग दिखना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से जिमीकंद खरीदते वक्त ध्यान से उसे देख लें। यह ठोस भी होना चाहिए। इससे पता चलता है कि यह जल्दी खराब नहीं होने वाला है। इसे सुरक्षित रखने के लिए कोई खास जतन की जरूरत नहीं पड़ती है। बस ध्यान दें कि यह गिला न हो। इसे किसी सूखी और अंधेरे वाली जगह में रख दें, जहां सूरज की सीधी रोशनी न पड़े। यह करीब 10 दिन इस तरह सुरक्षित रह सकता है।
जिमीकंद कहां से खरीदें? – जिमीकंद को सब्जी मंडी से खरीद सकते हैं। यह बाजार में सबसे ज्यादा सितंबर से नवंबर माह तक मिलता है। इसके अलावा, कई ऑनलाइन वेबसाइट से भी जिमीकंद को खरीदा जा सकता है।
जिमीकंद के नुकसान – जिमीकंद के फायदे और नुकसान दोनों ही हो सकते हैं। एक ओर संयमित मात्रा में जिमीकंद खाने के फायदे होते हैं, तो दूसरी ओर अधिक मात्रा में खाने से जिमीकंद के नुकसान भी हो सकते हैं –
जिमीकंद शरीर में एलर्जी का कारण भी बन सकता है।अधिक मात्रा में इसके सेवन से उल्टी हो सकती है।प्रेगनेंसी में इसका सेवन करना सुरक्षित है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। इसी वजह से इसे प्रेगनेंसी में खाने से बचना चाहिए। जिमीकंद, एस्ट्रोजन (यौन विकास के लिए एक हार्मोन) की तरह कार्य कर सकता है। अगर एस्ट्रोजन से प्रभावित होने वाली कोई समस्या हो, तो इसका सेवन करने से बचें। शरीर में रक्त के थक्के बना सकता है। प्रोटीन की कमी वालों को इसके इस्तेमाल से बचने की सलाह दी जाती है।
