
सुरेन्द्र मिनोचा
मनेंद्रगढ़ :- शासन की महत्वाकांक्षी रीपा योजना से जुड़कर महिला स्व सहायता समूह की महिलाएँ आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। रीपा योजना से मिले आर्थिक संबल से विभिन्न रोजगार मूलक गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं। समूह की महिलाएँ घर के नज़दीक स्व-रोजगार प्राप्त करके घर खर्च मे अपना योगदान दे रही हैं।जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर खड़गवां विकासखंड मे ग्राम पंचायत चिरमी बसा हुआ है। चिरमी मे गंगामय स्व-सहायता समूह की दीदीयो ने शासन की रीपा योजना का लाभ उठाते हुए मिनी राईस मिल स्थापित किया। अब वे राइस मिल से चावल निकालने (मिलिंग) का काम करती हैं। पहले महिलायें घर मे खेती-बाड़ी का काम किया करती थीं जिसमे जगह की समस्या और पैसे की कमी होती थी। बड़ी कठिनाई से माह मे 2 से 3 हजार रूपये तक का आय ही हो पाता था। रीपा योजना से जुड़ने के बाद उन्हें वार्किंग शेड और भवन प्राप्त हुआ जिससे उनके कार्य का विस्तार बड़े स्तर पर हुआ। अधिक सुविधाएँ प्राप्त होने के कारण उनकी आय में तेजी से वृध्दि हो रही है।सुगंधित चावल की मांग बहुत अधिक होने के कारण आज राइस मिल की माँग बढ़ गई है। लगभग 2 माह के अल्प समय मे ही महिलाओं ने 55 हजार से अधिक की कमाई की है,उनके द्वारा रीपा के तहत अन्य आर्थिक गतिविधियों भी संचालित की जा रही हैं। कमाई से प्राप्त राशि से घर के बर्तन और बच्चों की पढ़ाई मे पैसा का उपयोग किया जाता है।
