
राजिम:- सेंधा नमक को लेकर आम धारणा है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ व्रत में किया जाता है। यह बात काफी हद तक सही भी है।सेंधा नमक एक प्रकार का खनिज है, जिसे नमक का शुद्ध रूप माना जा सकता है। सेंधा नमक का उपयोग खाने योग्य बनाने के लिए इसे किसी भी तरह के केमिकल प्रोसेस से नहीं गुजरना पड़ता है। सेंधा नमक को हिमालयन साल्ट, रॉक साल्ट, सिन्धा नमक, सैन्धव नमक, लाहौरी नमक या हैलाइड सोडियम क्लोराइड भी कहा जाता है। सेंधा नमक मराठी में ‘शेंडे लोन’ के नाम से जाना जाता है। सेंधा नमक खाने के फायदे अन्य नमक के मुकाबले सबसे ज्यादा माने गए हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इसमें 90 से अधिक मिनरल्स होते हैं। यह मैग्नीशियम और सल्फर से मिलकर बना है ।नमक के अन्य प्रकारों की तरह ही सेंधा नमक का भी रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड है। इसके रासायनिक सूत्र को पोटैशियम क्लोराइड भी कहते हैं। यह रंगहीन या सफेद रंग का हो सकता है, लेकिन जब इसमें अन्य पदार्थों की मौजूदगी हो जाती है, तो इसका रंग हल्का गुलाबी, नीला, जामुनी, पीला, नारंगी या भूरा भी हो सकता है।
सेंधा नमक कैसे काम करता है?
सेंधा नमक के गुण कई हैं। अन्य नमक के मुकाबले में इसमें आयरन (आयोडीन) की मात्रा सबसे कम होती है। वहीं, इसके कैल्शियम, पोटैशियम व जिंक जैसे दूसरे गुण कई तरह से शरीर के लिए आवश्यक हो सकते हैं । यह पानी में घुलनशील होता है और पानी के संपर्क में आते ही इसके सभी प्राकृतिक गुण एक्टिव हो जाते हैं। सेंधा नमक खाने के फायदे पानी में डालकर पीने, भोजन में इस्तेमाल करने या नहाने से प्राप्त किए जा सकते हैं। सेंधा नमक का उपयोग करने से ब्लड प्रेशर के उपचार, सर्दी, खांसी, स्किन डिजीज, गठिया या डिप्रेशन जैसे जोखिमों से बचाव किया जा सकता है। साथ ही आपको बता दें कि सेंधा नमक का उपयोग करने से पाचन क्रिया भी मजबूत रहती है। यह कब्ज, अपच, गैस व सीने में जलन जैसी कई बीमारियों के लक्षणों को भी कम करने में मदद कर सकता है । इस सभी फायदों के बारे में लेख में नीचे विस्तार से बताया गया है।
सेंधा नमक के फायदे – सेंधा नमक के फायदे और नुकसान दोनों ही हो सकते हैं। बस सेंधा नमक के नुकसान के जोखिम कम करने के लिए इसके इस्तेमाल का तरीका ध्यान रखना चाहिए। सेंधा नमक के फायदे और इसके सही इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं। बस ध्यान रहे कि सेंधा नमक स्वस्थ रखने में मदद करता है या फिर बीमारी की अवस्था में ठीक होने में मदद कर सकता है। हां, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो मेडिकल ट्रीटमेंट ही सही विकल्प है।

सेंधा नमक के फायदे कम करें मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या :- शरीर में मांसपेशियों व नर्वस सिस्टम के सही प्रकार से काम करने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत होती है। इस इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलित होने से मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या हो सकती है । ऐसे में सेंधा नमक के इस्तेमाल से इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को संतुलित किया जा सकता है। एक शोध में कहा भी गया है कि सेंधा नमक में इलेक्ट्रोलाइट्स पर्याप्त मात्रा में होते हैं। अगर किसी को मांसपेशियों में दिक्कत है, तो वह एक टब पानी में सेंधा नमक मिलाकर उसमें कुछ देर बैठ सकता है। इसके अलावा, गुनगुने पानी में थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर पीने से भी फायदा हो सकता है ।ध्यान रहे कि इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या को कम कर सकते हैं, लेकिन इस समस्या को होने से रोक नहीं सकते। इसका जिक्र एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की साइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर में भी किया गया है ।
पाचन समस्याओं के लिए सेंधा नमक के गुण:-पाचन से जुड़ी समस्याओं जैसे- बदहजमी, कब्ज, सीने में जलन, खट्टी डकार व गैस से राहत पाने के लिए भी सेंधा नमक के गुण आजमाएं जा सकते हैं। रॉक साल्ट खनिज और विटामिन्स से भरा होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है । फिलहाल, इस संबंध में और शोध किए जाने की जरूरत है।
गले में खराश के इलाज के लिए सेंधा नमक:-मौसम में बदलाव होने या ठंडा-गर्म खाने से सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है। इसकी वजह से गले में खराश हो सकती है । वहीं, सेंधा नमक में डिकंजेस्टेंट गुण हो सकते हैं, जो गले में फंसे बैक्टीरिया युक्त बलगम को पतला कर उसे शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। साथ ही यह खांसी की समस्या से भी राहत दिला सकता है। गले में खराश की समस्या दूर करने के लिए सेंधा नमक युक्त गुनगुने पानी से गरारे किए जा सकते हैं । इससे कुछ ही दिनों में पीड़ित व्यक्ति को राहत मिल सकती है।
मसूड़ों के लिए सेंधा नमक के फायदे :-मसूड़ों से खून आना मसूड़ों की बीमारी की ओर संकेत है। इसके पीछे मुख्य कारण दांतों पर प्लाक का जमना है। अगर मसूड़ों में सूजन, प्लाक जमने या किसी अन्य सामान्य कारण से मसूड़ों से खून आ रहा है, तो इस समस्या को दूर करने के लिए हल्के गुनगुने पानी में सेंधा नमक मिलाकर नियमित तौर पर कुल्ला कर सकते हैं । ऐसा माना जाता है कि सेंधा नमक मुंह में जमा हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है। हालांकि, यह कितना सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है, इसके लिए अपने डेंटिस्ट से पूछ सकते हैं। साथ ही अभी ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है, जिससे पुष्टि हो सके कि सेंधा नमक किस गुण के कारण मुंह को स्वस्थ रखता है।
मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के लिए सेंधा नमक :-शरीर को फुर्तीला बनाए रखने के लिए मेटाबॉलिज्म सबसे अहम प्रक्रिया होती है। हम जो भी खाते हैं हमारा शरीर उसी से एनर्जी प्राप्त करता है। सभी खाद्य पदार्थों को मेटाबॉलिज्म ही एनर्जी के रूप में शरीर में परिवर्तित कर सकता है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने के उपाय के तौर पर सेंधा नमक उपयोगी साबित हो सकता है। इससे शरीर की कार्यप्रणाली में सुधार हो सकता है। सेंधा नमक पाचन तंत्र और आसपास के अंगों में पानी के अवशोषण को बढ़ा सकता है । साथ ही सेंधा नमक में आयोडीन भी होता है और आयोडीन मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाए रखने का काम कर सकता है। इसकी पुष्टि एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर से होती है ।
वजन कम करने के लिए सेंधा नमक के फायदे:-अगर कोई लगातार बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो खाने में इस्तेमाल होने वाले नमक की वैरायटी को बदलने पर विचार करना चाहिए। साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नमक भूख को कुछ समय के लिए कम करने और फैट बर्न करने में मदद कर सकता है । इससे वजन को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसकी कितनी मात्रा लेनी चाहिए, इसके बारे में डॉक्टर की उचित सलाह भी ले सकते हैं।

स्वस्थ हृदय के लिए सेंधा नमक के गुण:-फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के मुताबिक, हृदय के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक वयस्क को प्रतिदिन 1 ग्राम से अधिक और 2.5 ग्राम से कम सोडियम यानी नमक का सेवन करना चाहिए । शरीर में सोडियम के स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए इस मात्रा को उचित माना गया है। इससे अधिक मात्रा में नमक लेने से हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर से प्रोसेस्ड फूड्स में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इससे हृदय से जुड़ी कई समस्याएं जैसे – हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में न सिर्फ सेंधा नमक का उपयोग करना सही है, बल्कि हर तरह के नमक का सेवन कम से कम मात्रा में करना चाहिए ।
सिरदर्द और माइग्रेन में सेंधा नमक के फायदे:-आयुर्वेद में सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या दूर करने के लिए हिमालयन साल्ट इस्तेमाल करने की सिफारिश की गई है। डॉक्टर की सिफारिश पर सेंधा नमक युक्त तेल से मालिश करने पर माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या से राहत पाई सकती है । हिमालयन नमक की शुद्धता और इसमें पाए जाने वाले खनिज इसे टेबल साल्ट से अलग बना सकते हैं। सेंधा नमक में उचित मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम और अन्य खनिज हो सकते हैं। फिलहाल, इस संबंध में अभी और वैज्ञानिक शोध की जरूरत है।
स्ट्रेस दूर करने के लिए सेंधा नमक के फायदे:-सेंधा नमक के फायदे में तनाव को कम करना भी शामिल है। इसके लिए साल्ट थेरेपी का इस्तेमाल किया जा सकता है। सॉल्ट थेरेपी की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। इसके तहत नमक युक्त पानी से नहाया जा सकता है। इसके अलावा, स्पा के दौरान नमक का इस्तेमाल करने से भी तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स को कम करने में मदद मिल सकती है। इस प्रक्रिया को हेलोथेरेपी कहा जाता है । फिलहाल, इस संबंध में और वैज्ञानिक शोध किया जा रहा है।
हेल्दी स्किन के लिए सेंधा नमक के फायदे :-सेंधा नमक के क्लींजिंग सेंधा नमक के इस्तेमाल को इतना खास क्यों माना गया है? सेंधा नमक में ऐसे कौन – से गुण हैं आइये जानते है ।और डिटॉक्सिफाइंग गुण डेड स्किन सेल्स को एक्सफोलिएट कर स्किन को स्मूद व सॉफ्ट बना सकते हैं। साथ ही यह स्किन को टिश्यू को मजबूत बनाता है, जिससे त्वचा में नयापन बना रह सकता है। इसके लिए स्किन के लिए स्क्रब के तौर पर सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है ।
बालों के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल :- सेंधा नमक के क्लींजिंग और एक्सफोलिएटिंग गुण स्कैल्प से डेड स्किन सेल्स और गंदगी हटाने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए शैंपू में सेंधा नमक मिलाकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बालों को धोते समय पानी में सेंधा नमक मिलाया जा सकता है। इसके सुरक्षित इस्तेमाल के लिए एक बार डर्मेटोलॉजिस्ट से उचित परामर्श लेना सही रहेगा।
सेंधा नमक का उपयोग – सेंधा नमक खाने के फायदे तभी नजर आते हैं, जब उसका इस्तेमाल सही प्रकार से किया जाए। सेंधा नमक का उपयोग किस तरह से करना चाहिए, इसके लिए आप नीचे बताई गई बातों पर ध्यान दे सकते हैंः खाने में सेंधा नमक का उपयोगः अगर खाने में सेंधा नमक का उपयोग करना चाहते हैं, तो इसे पके हुए, कच्चे या उबले हुए भोजन में मिलाया जा सकता है, जैसे – दाल, सब्जियां व सलाद आदि। इसके लिए आप अपनी आवश्यकतानुसार इसकी मात्रा ले सकते हैं। पीने के लिए सेंधा नमक का उपयोगः इसे साफ गुनगुने या ठंडे पानी में मिलाकर पी सकते हैं। इसमें आप जरूरत के अनुसार नींबू, शहद या चीनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। नहाने या थेरिपी के लिए सेंधा नमक का उपयोगः अगर शरीर को आराम देने के लिए या पैरों के दर्द को दूर करने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पानी में सेंधा नमक मिला सकते हैं। इसके लिए हमेशा गुनगुने या जितनी गर्माहट सहन कर सकते हैं उतने गर्म पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस पानी से आप नहा सकते हैं या टब में कुछ देर बैठ सकते हैं। स्किन के लिए सेंधा नमक का उपयोगः सेंधा नमक का पेस्ट बनाकर आप स्किन पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। आप चाहें तो सेंधा नमक के पानी के घोल में कॉटन डिप करके भी उससे चेहरे पर लगा सकते हैं।दांतों के लिए सेंधा नमक का उपयोगः टूथपेस्ट या माउथवॉश की तरह भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

सेंधा नमक के नुकसान – हालांकि, सेंधा नमक के कई फायदे हैं, लेकिन लंबे समय तक खाने में पूरी तरह से सिर्फ सेंधा नमक का इस्तेमाल करने से सेंधा नमक के नुकसान भी हो सकते हैं। जो इस तरह से हो सकते हैंः-
सामान्य सफेद नमक के मुकाबले सेंधा नमक में आयरन (आयोडीन) की मात्रा सबसे कम होती है। इसलिए, अगर लंबे समय तक सिर्फ सेंधा नमक का ही इस्तेमाल किया जाए, तो इससे शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है, जो घेंघा रोग का भी कारण बन सकती है ।सेंधा नमक की अधिक मात्रा ब्लड प्रेशर के लेवल को हाई कर सकता है। ऐसे लोग जिन्हें एडिमा की समस्या है, उन्हें भी सेंधा नमक का इस्तेमाल सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही करनी चाहिए। सेंधा नमक की अधिक मात्रा सूजन का कारण बन सकती है ।सेंधा नमक के अधिक इस्तेमाल से वॉटर रिटेंशन की भी समस्या हो सकती है ।
इस आर्टिकल में हमने सेंधा नमक के फायदे और नुकसान दोनों ही बताएं हैं। अगर सेंधा के फायदे पाने के साथ-साथ सेंधा नमक के नुकसान से बचाव करना है, तो इसकी मात्रा का उचित सेवन करना चाहिए। आप अपने स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के अनुसार ही इसकी मात्रा का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने डॉक्टर या डायटिशियन की भी उचित सलाह ले सकते हैं।
