
देवभोग :- देवभोग पहूची, नेतृत्व कर रहे संस्थापक अध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय ने कहा राजनीति के शुद्धिकरण के लिए जनता का जागना जरूरी।अमरकंटक से लगे कबीर चौरा गांव से इस यात्रा की शुरुवात 6 अप्रैल से की गई थी।सरगुजा बिलासपुर संभाग होते हुए महासमूंद जिले से यह यात्रा सीधे देवभोग पहूंची।भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके वीरेंद्र पांडेय व स्वाभिमान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पूरन छाबरिया इस यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। भिलाई के संत गौतम भी उनके साथ हैं।आज सुबह रथ यात्रा देवभोग नगर का भ्रमण किया।

नेतृत्व कर्ताओं ने जनता से सीधा संपर्क कर उनसे सवांद करने के अलावा पांपलेट भी वितरण कर रहे हैं।संपर्क कर जनता को लोकतंत्र की परिभाषा को विस्तार से समझाया जा रहा है। बताया जा रहा है की जनता जिसे चुनती है वही जनता का अनदेखी करता है, जबकि राजा व नौकरशाह का सारा खर्च व वीआईपी सुविधा जनता के द्वारा दी जाने वाली टैक्स से होती है।

वीरेंद्र पांडेय ने कहा की फिर भी थाने में रिपोर्ट लिखाना हो या पटवारी से नकल निकलवाना हो जनता को मशक्कत करना क्यों पड़ता है। पांडेय ने सवाल किया कि लोकतंत्र में जनता के बजाए नौकर शाह को ज्यादा अहिमियत क्यों। किसान, व्यापारी, धोबी, मोची ये सभी सेवा करते हैं, इन्हे भी 60 साल के उम्र के बाद कम से कम 5 हजार रुपए पेंशन दिए जाने चाहिए। ये सभी संभव भी है, राजधानी में 500 करोड़ के सीएम व राज्यपाल आवास की जरूर क्यों,कम में भी बनाया जा सकता है।

सांसद विधायक व नौकरशाह के पेंशन में लगातार बढ़ोतरी के बजाए आम नागरिक के आवास पेंशन व अन्य जरूरतों के लिए बजट में बढ़ोतरी की जरूरत है, जनता से खड़े होने वाले प्रत्याशी को हमारा समर्थन-सरकार अगर जन सरोकार को प्राथमिकता से नही लेगी तब तक यह संभव नही है। हम इसी व्यवस्था को बदलने का अभियान चला रहे हैं। पांडेय ने राजनीतिक दलों पर तंज कसते हुए कहा की एक नागनाथ, दूसरा सांप नाथ तो तीसरा विषनाथ है,जबकि हम जनता के सरोकार रखने वाले लोकनाथ की जरूरत है। पांडेय ने कहा की हमारा पार्टी भले ही राजनीति है, पर हम चुनाव नही लड़ेंगे, बल्कि जनता के द्वारा खड़े किए गए प्रत्याशी का सपोर्ट कर व्यवस्था परिवर्तन में सहभागी बनेंगे। रथ यात्रा के दरम्यान बताए जा रहे बातो को लोगो ने ध्यान से सुना, हामी भर कर समर्थन भी किया।दो घंटे के जन संपर्क के बाद यात्रा धमतरी जिले के लिए निकल गई।

राजनीति का शीर्षआसन करा रहे वीरेंद्र पाण्डेय ने प्रेस वार्ता में बताया की राजनीति का शुद्धिकरण के लिए हम इसका शीर्षासन करा रहे हैं।हमे चुनाव लडना नही है पर चुनने के पहले लोगो को जागरूक कराना हमारा लक्ष्य है। पांडेय ने कहा की रमन सरकार की अनुमति पर चिट फंड कम्पनी चलाई गई, जनता के करोड़ो की गाढ़ी कमाई इसमें फंस गया। फंसे रकम को निकालने भूपेश सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में ऐलान किया। अब तक कुछ प्रतिशत रकम ही मिल सका।सरकारी खजाने से इस पैसे को दिया जा सकता है। व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हुए कहा की राज्य, केंद्र के अलावा तीसरी सरकार ग्राम सरकार है, जिसे पंचायत कहते है। जनता को यहा से सीधी सुविधा मिल सकती है, पर्याप्त बजट व सरकार के तर्ज पर यह सुविधाएं दी जानी चाहिए।
