परसदा सहकारी सोसाइटी में दिया जा रहा था किसानो को कम वजनी वर्मी कम्पोस्ट, भाजपा ने जताया विरोध l 

नवापारा राजिम :- समीपस्थ ग्राम परसदा ( सोंठ ) में किसानो को सोसाइटी संचालक द्वारा कम वजनी वर्मी कम्पोस्ट दिया जा रहा है, चलबो गौठान-खोलबो पोल अभियान अंतर्गत ग्राम परसदा क्षेत्र में निरिक्षण के दौरान ग्रामीणों से शिकायत प्राप्त हुई कि गौठानो से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट किसानो को दिया जा रहा है, उसका वजन कम है, जिस पर संगठन के लोग परसदा सहकारी समिति पहुंचे और वहां के वितरण काम देख रहे है, कर्मचारी से बात कि तो उन्होंने कहाकि इस बार बिना वजन किये ही बोरिया दी जा रही है, इसके अलावा वहा वजन करने के लिए तराजू कि व्यवस्था भी नहीं कि गई है, तत्पश्चात वहां पर जब तराजू मंगाकर वहा वर्मी प्राप्त कर चुके किसान दयाराम साहू के वर्मी कम्पोस्ट का वजन किया गया तो बोरी का वजन 19 किलो 500 ग्राम निकला। इससे सभी आश्चर्यचकित रह गए क्योंकि इसके बाद दूसरे व तीसरे बोरी का हाल भी यही था। इस तरह से एक के बाद एक तीन-तीन बोरियो में लगभग 10 किलोग्राम वर्मी खाद कम था। जिसके बाद वहां उपस्थित राजीव अग्रवाल सहित अन्य बीजेपी नेताओं व किसानो ने नारजगी जाहिर की और कहाकि उन्हें तौलकर या सही माप वाले वर्मी कम्पोस्ट दे, साथ ही जितने भी लोगो ने वर्मी कम्पोस्ट लिया है, उनके कम वजन के बदले उन्हे अतरिक्त वर्मी दे या हिसाब में कम करें। तब जाकर मामला शांत हुआ। परसदा के एक किसान ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहाकि वर्मी कम्पोस्ट के नाम पर उन्हें ठगने का काम करती है, इसमें वर्मी के साथ मिट्टी का मिलावट भी होता है, जो कि फायदेमंद कम और नुकसान प्रद ज्यादा है, इस मामले में भाजपा नेता राजीव अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष उमेश यादव, पूर्व पालिका अध्यक्ष विजय गोयल, जिला मंत्री परदेशी राम साहू, भाजयुमो नेता किशोर देवांगन ने कहाकि पिछले वर्ष भी इसी तरह इसी सोसाइटी से वर्मी कम्पोस्ट कि बोरी में कम वजन कि शिकायत मिली थी, पुनः इस बार किसान वही शिकायत कर रहे है, इस तरह किसानो के साथ भारी छलावा हो रहा है, स्थानीय शासन प्रशासन इसे गंभीरता से ले और इस ओर ध्यान दे नहीं तो बीजेपी स्थानीय किसानो के साथ मिलकर प्रदेश सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेगी। क्या कहते है, प्रभारी इस पुरे मामले में परसदा सोसाइटी प्रभारी ताम्रध्वज साहू ने कहाकि जानकारी के आभाव के चलते वितरक द्वारा पुराने स्टॉक का वितरण के चलते यह हुआ होगा, जिन किसानो के बोरी में कम वर्मी गया होगा उन्हें कम वजन के बराबर की पूर्ति कर दी जाएगी. साथ ही अब किसी भी किसान के साथ ऐसा ना हो इसका पूरा ख्याल रखा जायेगा।