सुरेन्द्र मिनोचा

एमसीबी:- छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग-2021 के परिणामों मे अनियमितताओं को लेकर आम आदमी पार्टी जिला सचिव विकास पाण्डेय ने आज, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। विकास पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के नेता सीजीपीएससी को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बीजेपी के शासन काल 2018 मे हुए सीजीपीएससी चयन परीक्षा की सूची जारी करके अनियमितता का आरोप लगा रही है। अगर आप यह मानते हैं कि रमन सरकार में अनियमितताएं हुईं हैं और कांग्रेस के नेताओं को इसकी जानकारी है तो उसकी भी जांच कराई जाए क्योंकि वर्तमान मे कांग्रेस की सरकार है,साथ ही 2021 के चयन प्रक्रिया मे जो गड़बड़ी हुई है,उसकी भी जांच कराई जाए। विकास पाण्डेय ने कहा कि दोनों पार्टियां एक-दूसरे के कार्यकाल की अनियमितताएं गिना रही हैं, लेकिन इस गंदी राजनीति मे छत्तीसगढ़ का युवा पिस रहा है, वह अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहा है।गरीब बच्चों ने दिन रात पढ़ाई करके परीक्षाएं दी, उनका भविष्य खराब हो रहा है और बीजेपी-कांग्रेस अपने-अपने चहेतों का कैरियर बनाने मे लगी हुई है।गरीब तबके के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है,लेकिन दोनों पार्टियां लिस्ट जारी कर रही हैं कि किसके समय मे कितनी अनियमितताएं हुईं हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए, ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य न बर्बाद हो।

उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यजनक है कि दोनों पार्टियां गैर जिम्मेदाराना रवैया अपना रही हैं। विकास पाण्डेय ने जारी परीक्षा परिणाम को लेकर भूपेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीजीपीएससी मे टॉप 20 सीटों का करोड़ों रूपए मे सौदा हुआ है। यह कोई सामान्य बात नही है। यह गंभीर मामला है। जिन छात्र-छात्राओं ने मेहनत किया उनके सपनों पर रसूखदारों ने अपने पैसों के बल पर पानी फेर दिया। टॉप के 25 नामों मे सिर्फ अधिकारी, नेता और प्रभावशाली वर्ग के अभ्यर्थियों का नाम शामिल हैं। ऐसे मे नाकाबिल अधिकारी चयनित होकर राज्य का क्या भला करेंगे। लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं पर अगर प्रश्न चिन्ह लगेगा तो युवाओं का राज्य प्रशासनिक सेवाओं से विश्वास जल्द ही उठ जाएगा और राज्य की व्यवस्था चरमरा जाएगी। टॉप के नाम के लिए बोलियां लगाई गईं, जिसका पूरा लाभ प्रभावशालियों द्वारा जमकर उठाया गया है। सिविल सर्विस मेंस के टॉप 20 मेरिट लिस्ट मे विभागीय अधिकारियों और व्यापारियों के बच्चों का चयन होना, लोक सेवा आयोग की निष्पक्षता को कठघरे में खड़ी करती है। एक चिट्ठी सोशल मीडिया पर वायरल होने से यह संदेह और बढ़ जाता है। यह गंभीर आरोप है। टॉप 20 सीट का करोड़ों रूपए मे सौदा हुआ है। जिन छात्र-छात्राओं ने मेहनत किया उनके सपनों पर रसूखदारों ने अपने पैसों के बल पर पानी फेर दिया। कई अधिकारी-नेताओं के बच्चों का नाम शामिल होने से छत्तीसगढ़ का आम युवा ठगा हुआ महसूस कर रहा है। विकास पाण्डेय ने कहा कि एक-दूसरे पर आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चाहिए कि पूरे मामले की निष्पक्ष तौर पर उच्च स्तरीय जांच कराएं। अन्यथा लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं पर अगर प्रश्न चिह्न लगेगा तो युवाओं का राज्य प्रशासनिक सेवाओं से विश्वास उठ जाएगा और राज्य की व्यवस्था चरमरा जाएगी और अगर लोक सेवा आयोग मे ऐसे नाकाबिल अधिकारी चयनित हो रहे हैं तो आखिर राज्य का क्या भला करेंगे। निश्चित ही अगर मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी तो कई रसूखदारों के नाम सामने आएंगे, इसीलिए भूपेश सरकार जांच कराने से बच रही है। इसमें प्रदेश सरकार के आला अधिकारी, कई मंत्री, नेता और बड़े व्यवसायी शामिल हैं। आप’ जिला सचिव विकास पाण्डेय ने कहा कि सीजीपीएसी-2021 के परीक्षा परिणाम में अनियमितताओं को लेकर आज प्रदेश के सभी 33 जिलों मे आम आमदी पार्टी के जिला अध्यक्षों/सचिवों और पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। यदि गड़बड़ी की जांच नही कराई जाती है तो पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर भूपेश सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष संदीप यादव, एम. डी. कासिम, धीरज यादव सहित उषा चौधरी, प्रीति, कासिम, हरिहर, अनिल पासवान, तूहीन रॉय, मोनू, विष्णु, उमेश व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
