शहतूत क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों फायदेमंद है, आइए जानते हैं।

राजिम:- फलों को पोषक तत्वों का भंडार माना जाता है। इस कारण लोगों में हमेशा से इनके प्रति एक विशेष आकर्षण रहता है। कुछ को मीठे फल ज्यादा पसंद आते हैं, तो कुछ को इनकी खटास में मजा आता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आपको ऐसे ही एक फल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपने रसीले और खट्टे-मीठे स्वाद के कारण लोगों में काफी मशहूर है। हम बात कर रहे हैं, शहतूत की।

शहतूत के फायदे– शहतूत में कई जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इसे कई गंभीर समस्याओं के लिए उपयोगी औषधि बना देते हैं। सेहत के साथ-साथ इसका उपयोग त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद माना गया है। ध्यान रहे कि शहतूत नीचे दी गई किसी भी बीमारियों का पूर्णत: इलाज नहीं है। यह केवल कुछ हद तक इनके लक्षणों को कम कर सकता है।

रक्त संचार में सुधार- रक्त संचार में सुधार के लिए शहतूत के लाभ हासिल किए जा सकते हैं। दरअसल, शहतूत में सायनायडिंग 3-ग्लूकोसाइड नाम का फाइटोन्यूट्रिएंट पाया जाता है। यह खून को साफ करने के साथ ही रक्त संचार में भी सुधार कर सकता है । इस कारण हम यह कह सकते हैं कि शहतूत के सेवन से न केवल खून में मौजूद अशुद्धियों को दूर किया जा सकता है, बल्कि रक्त परिसंचरण यानी ब्लड सर्कुलेशन की प्रक्रिया को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है-मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी शहतूत को उपयोग में ला सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक शहतूत में साइटोप्रोटेक्टिव यानी कोशिकाओं को नुकसान से बचाने वाला और तंत्रिका तंत्र से संबंधी समस्याओं को दूर करने वाला न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है। ये दोनों प्रभाव संयुक्त रूप से मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इस कारण हम कह सकते हैं, कि दिमागी स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शहतूत का सेवन काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

ब्लड शुगर को करे नियंत्रित-शहतूत में हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव पाया जाता है, जो शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ा सकता है और खून में शुगर की अधिक मात्रा को कम करने में सहायक हो सकता है। इस कारण डायबिटीज के रोगियों के लिए शहतूत का सेवन एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है ।

पाचन क्रिया को करे मजबूत- विशेषज्ञों के मुताबिक शहतूत की पत्तियों में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए जरूरी हैं। यह पाचक रसों के बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं । वहीं, फल के अलावा, कच्चे फल से बने पाउडर का सेवन पाचन प्रक्रिया को मजबूत कर सकता है । ऐसे में यह माना जा सकता है कि बिगड़ी पाचन शक्ति को फिर से दुरुस्त करने में शहतूत के लाभ मददगार साबित हो सकते हैं।

एनीमिया में सहायक-एनीमिया की समस्या में भी शहतूत का इस्तेमाल किया जा सकता है। बताया जाता है कि शहतूत में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने वाला एंटी-हीमोलिटिक प्रभाव पाया जाता है, जो एनीमिया के जोखिम को काफी हद तक कम करने में सहायक हो सकता है । इस कारण यह कहा जा सकता है कि एनीमिया की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी शहतूत का सेवन गुणकारी हो सकता है।

प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं-विशेषज्ञों के मुताबिक शहतूत में जिंक और मैंगनीज अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इनमें जिंक मुख्य तौर पर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में मदद कर सकता है। वहीं, मैंगनीज कोशिकाओं को मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स के प्रभाव से बचा सकता है । ऐसे में यह माना जा सकता है कि शहतूत में मौजूद यह दोनों तत्व संयुक्त रूप से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।

हड्डियों की मजबूती के लिए-हड्डियों से संबंधित एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है कि शहतूत कैल्शियम से भरपूर होता है। वहीं, कैल्शियम हड्डियों के लिए आवश्यक माना गया है, जो उन्हें मजबूती देने के साथ-साथ बोन टिश्यू के निर्माण में भी मदद कर सकता है । कैल्शियम शहतूत के हर प्रकार में मौजूद होता है। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि शहतूत हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

आंखों की रोशनी बढ़ाए-आंखों से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने के लिए भी शहतूत को इस्तेमाल कर सकते हैं। कारण यह है कि शहतूत में विटामिन-ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ उन पर आने वाले तनाव को दूर कर सकता है। रेटिना से संबंधित दोषों को भी दूर करने में यह मददगार साबित हो सकता है।

शहतूत का उपयोग-शहतूत को निम्न प्रकार से उपयोग में ला सकते हैं-शहतूत को अच्छी तरह पानी में धोकर खा सकते हैं। आप इसे फ्रूट चाट में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका जूस बनाकर भी पी सकते हैं।आप इसे स्मूदी बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।कुछ स्थानों पर शहतूत की चाय का सेवन भी किया जाता है।

कब खाएं-सुबह या शाम को नाश्ते के साथ इसके जूस का सेवन कर सकते हैं। शाम को इसकी फ्रूट चाट या स्मूदी बनाकर सेवन कर सकते हैं। मात्रा- शहतूत फल की मात्रा की बात करें, तो इसे करीब 67 मिलीग्राम तक प्रतिदिन इसका सेवन किया जा सकता है।

शहतूत के नुकसान-शहतूत के नुकसान जानने के लिए आइए नीचे दिए गए बिंदुओं पर डालते हैं एक नजर-गुर्दे की बीमारी वाले लोगों को जिन्हें पोटेशियम की कम मात्रा लेने की सलाह दी जाती है वे शहतूत के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें। अधिक मात्रा में पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ के सेवन से किडनी से जुड़ी परेशानियां हो सकती है।यह ब्लड शुगर को कम करता है, इस कारण हाइपोग्लाइसेमिया (ब्लड शुगर कम होना) की समस्या हो सकती है। ऐसे में जिन्हें मधुमेह की समस्या है वे इसका सेवन करते वक्त अपनी शुगर की मात्रा की जांच करते रहें, ताकि रक्त शर्करा में उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।कुछ लोगों में यह त्वचा संबंधी एलर्जी पैदा कर सकता है ।वहीं, कच्चे सफेद शहतूत खाने से पेट दर्द और मतिभ्रम की शिकायत हो सकती है। शहतूत क्या है और इसका इस्तेमाल क्यों फायदेमंद है, यह तो आप अच्छे से जान ही गए होंगे। वहीं, आपको इसके उपयोग के तरीके और ली जाने वाली उचित मात्रा के बारे में भी पर्याप्त जानकारी हासिल हो गई होगी। हमने लेख के माध्यम से इसके फायदों के बारे में भी क्रमवार जानकारी दी है, जिसमें सेहत, त्वचा और बालों के लिए शहतूत के फायदे अलग-अलग समझाए गए हैं। वहीं, लेख के अंत में शहतूत खाने के नुकसान भी बताए गए हैं, ताकि आप इसका सुरक्षित इस्तेमाल कर सकें। आशा करते हैं कि स्वास्थ्य को बनाए रखने में यह लेख आपके बड़े काम आएगा।