भोपाल-अवधेश पुरोहित
भोपाल :- भाजपा के नेता रघुनंदन शर्मा ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पांच लोगों की यह पंचाली वाली टीम भाजपा को बर्बाद करके रख देगी, उनके इस बयान के बाद प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में जो चर्चा जोरों से चल रही है उसको लेकर यह सवाल उठ रहे हैं कि हमारी भाजपा ने समाजवादी पार्टी के बिहार के नेता कर्पुरी ठाकुर जैसा एक भी मुख्यमंत्री पैदा नहीं किया जबकि प्रधानमंत्री मोदी से लेकर शिवराज तक भ्रष्टाचार को लेकर रोज नये-नये बयान देते रहते हैं लेकिन इसी प्रदेश में स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री के चहेते जितने भी आईएएस बाबू अधिकारी हैं वह इस प्रदेश में शासकीय योजनाओं की कागजी रंगोली सजाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने में लगे हुए हैं इस चर्चा के दौरान एक भाजपा नेता तो अजब बात कही वह लोगों के शायद गले नहीं उतरे उन भाजपाई नेताओं का कहना था कि मप्र के मुख्यमंत्री किरार जाति के हैं और किरार जाति में यह कहावत चर्चित है कि वह भगवान से यह प्रार्थना करते हैं कि हैं कि हे भगवान दे दें मुझको दो बैल पहले जोतूं मरघटा बाद में जोतूं गेल, अब यह तो पता नहीं कि किरार समाज में इस कहावत का क्या अर्थ लगाया जाता है ? लेकिन इन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के अनुसार मप्र में तो सीएम शिवराज के राज में यही कहावत चरितार्थ होती देखने को मिल रहा है? चाहे योजना केंद्र की हो या प्रदेश की सरकारी योजनाओं में उनके चहेते भ्रष्ट अधिकारी सरकारी योजनाओं की फर्जी आंकड़ों की कागजी रंगोली सजाकर सरकारी खजाने को जरूर चूना लगाने में लगे हुए हैं,? इस प्रदेश के २० वर्ष के भाजपा के शासनकाल में विकास के नाम पर भेरुबाबा जरूर खड़े किए गए जहां तक सड़कों की बात करें तो प्रदेश की अधिकांश सड़कें जिनको लेकर शिवराज यह ढिंढोरा पीटते हैं कि मध्यप्रदेश में वाशिंगटन से अच्छी सड़कें हैं मगर वह नहीं कहते कि मध्यप्रदेश सरकार की नहीं बल्कि केन्द्रीय सड़क परिवहन विभाग के मंत्री नितिन गडकरी के विभाग की बदौलत बनी हैं जिन गडकरी को मुख्यमंत्री के मित्र दिलीप के यहाँ पडे छापे की बदौलत गडकरी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से अलग किया गया है भाजपाई नेताओं का यह भी कहना है कि मप्र में केवल उन्हीं चाटुकारों और भ्रष्ट नेताओं की चलती है जो अपने ही क्षेत्र के मतदाताओं की जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद उसी शराब कारोबारी के बेटे से उसकी जहरीली शराब से उनके विधानसभा क्षेत्र के १४ लोगों की मौत हुई थी उसके बदले में सनातन धर्म के संस्कारों के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने के बाद पण्डित को जो दान दियादक्षिता दी जाती है उस पंडित जियो लोग जोशी कहते हैं उस पंडित की जोशी की भूमिका प्रदेश के वित्त मंत्री ने निभाते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र से १४ मतदाताओं की मौत के बाद उसी जहरीली शराब कारोबारी के बेटे से सोने की चेन ग्रहण भेंट में ली इसी प्रकार के लोगों की भी इस शासन में हैसियत है जो भले ही हमारी केंद्र की सरकार के मंत्री यह दावा करते हों कि आतंकवादियों को नहीं बख्शेंगे मगर शिवराज सरकार के मंत्री जगदीश देवड़ा जब तत्कालीन गृह मंत्री थे तो उन्होंने सिमी के आतंकवादी को अपनी भजकलदारम की कार्यशैली के चलते सिमी के आंतकवादी को जेल से रिहा करने की सिफारिश की थी इसके बाद भी जगदीश देवड़ा आज भी मुख्यमंत्री के चहेते बने हुए हैं ? हालांकि उनके विधानसभा क्षेत्र और भाजपा नेताओं में यह चर्चा है कि देवड़ा की भजकलदारम की नीति और अपने मतदाताओं की जहरीली शराब से हुई मौत के बाद जो जोशी की भूमिका अदा करते हुए उसी शराब कारोबारी के बेटे से उनके क्षेत्र में जहरीली शराब से १४ मतदाताओं की मौत हुई थी उससे सोने की चेन भेंट लेने में शर्म महसूस नहीं हुई शायद यही वजह है कि सीएम इस प्रदेश की आर्थिक स्थिति देखते हुए अब प्रदेश में एक “जोशी आयोग “बनाने जा रहे हैं जिसका प्रभार भजकलदारम और भेंट लेने में माहिर जगदीश देवड़ा को प्रभारी बनाया जाएगा ? इस आयोग का काम होगा कि वह प्रदेशभर में जहां पर किसी की भी मौत हो उस समय होने बाले सनातन संस्कृति के अनुसार होनै बाले संस्कारों में जोशी ब्राह्मण को दिए जाने बाले दान दक्षिणा को शिवराज सरकार के जोशी वित्त मंत्री जगदीश देवता भेंट दें ? मृतकों की मौत के बाद इस तरह की दक्षिण हजम करने मैं शिवराज सरकार के वित्त मंत्रीदेवढा को महारथ हासिल है? ऐसी चर्चा देवढा के विधानसभा क्षेत्र में आम है? लोग यह कहते नहीं थक रही है कि शायद संत पर जोशी के बैटा को भाजपा हजम नहीं कर पा रही थी क्योंकि उनमें शिवराज सरकार में हूए बहुचर्चित हनीट्रैप जैसे मामले में ब्राह्मण नेता लक्ष्मी नारायण शर्मा को फंसाने को जो भूमिका कैलाश सांरग के मंत्री पुत्र में नहीं थी तभी तो मुख्यमंत्री शिवराज ने दिपक को किसी निगम का अध्यक्ष बनाना उचित नहीं समझा भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि इस प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ जो रवैया सरकार और भाजपा द्वारा अपनाया जा रहा है उसका प्रत्यक्ष उदाहरण तो संत पुरुष कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी तो हैं हीयही बजह है कि मालवा में एकमात्र जोशी ही ब्राह्मण नेता थे उनके सामने भाजपा नेताओं ने ठीक उसी तरह की स्थिति की जिस तरह कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने अपने पुत्र मोह के चलते ज्योतिरादित्य सिंधिया की की थी जिसका लाभ उठाते हुए भाजपा की सत्ता में वापसी तो हुई मगर प्रदेश का भला नहीं हुआ सिंधिया के साथ जो कांग्रेसी विधायक भाजपा में आये उनकी स्थिति यह है कि वह अपनी कांग्रेसी कलाकारी भाजपा में बदस्तूर जारी किए हुए हैं यही बजह है कि महिला प्रेमी एक मंत्री के चरित्र पर पर्दा उठता है तो वह अपने कर्मो पर पर्दा डाला रहे के लिए अदालत की शरण लेते हैं?इन भाजपा नेताओं के अनुसार दीपक जोशी के भाजपा से कांग्रेस में जाने के बाद अब प्रदेश के अन्य नेताओं के भी भाव इतने बढ़ गए हैं कि धार के पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव यादव ने धार के ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष ज्योतिषाचार्य अशोक शास्त्री से अभद्रता का व्यवहार किया जिसके वजह से धार के ब्राह्मणों में भाजपा के प्रति असंतोष व्याप्त है वहीं प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सीएम शिवराज व अन्य भाजपा के नेता अपनी पार्टी के किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीटते हैं मगर शिवराज की ही सरकार में इस प्रदेश में अति वर्षा और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदा की क्षतिपूर्ति की १५ करोड़ की राशि इसी सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कार्यशैली से परिचित उनके चहेते अधिकारियों ने अपने लोगों एवं परिचितों के खाते में डालकर किसानों के हितों पर डाका डालने का काम किया इस १५ करोड़ के घोटाले का खुलासा कोई विपक्षी नेता ने नहीं बल्कि कैग की आडिट रिपोर्ट में इस घोटाले का खुलासा हुआ है इस तरह के अनेक घोटाले मप्र में घटित हो चुके हैं इनको देखते हुए शिवराज सिंह को हटाने की एक समय केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्रयास करते हुए शिवराज सिंह से यह कहा था कि प्रदेश सरकार का मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया को बना दें मगर भाजपा नेता के अनुसार शिवराज ने अमित शाह को यह जवाब दिया था ? कि आप सिंधिया को मुख्यमंत्री तो बना दो पर यह भी सोच लो कि भाजपा के ३० से ४० विधायक कांग्रेस में चले जाएंगे? अमित शाह से इस तरह की शिवराज से बात सुनकर उस मामले को रफा दफा कर दिया गया था? वैसे भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी शिवराज की कार्यशैली जानते है जिसकी बजह से वह शिवराज को केन्द्रीय मंत्रिमंडल में में शामिल करने से डरते है? ऐसी भी कई भाजपा नेता दवी जुबान से कहते नहीं हिचक रहे है? वैसे यह नेता यह भी क हते है कि इसी अजब गजब की कार्यशैली की सरकार के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मध्यप्रदेश के एक नेता के करोड़ों रुपये के हवाले की जानकारी होते हुए, भी भाजपा हाईकमान चूप्पी साधे हैं? यह नेता कहते है कि यही बजह है कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का वायदा करने वाद भी भ्रष्टाचारियों का इस प्रदेश में जो खेल चल रहा है वह बड़ा ही अजब-गजब है यही बजह है कि संत पुरुष कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को भाजपा छोडऩे पर मजबूर किया गया कि उनके साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार भी किया गया जो अपने दुश्मन के साथ भी करता है? पर दिपक जोशी के साथ किया गया?उनकी पत्नी जब कोरोना से पीडि़त हो गई थीं तो उन्हें इलाज की सख्त जरूरत थी तो तब सरकार के द्वारा जिला प्रशासन को यह बोल रखा था कि दीपक जोशी की कोई बात सुनें और इसके चलते इलाज के अभाव में दीपक जोशी की पत्नी की निधन हो गया इस बात का खुलासा स्वयं दीपक जोशी ने कांग्रेस की सदस्यता लेते समय किया अब सवाल यह उठता है कि दीपक जोशी की पत्नी की कोरोना काल के समय उनके इलाज के लिये इस तरह की बात जिला प्रशासन से किसने बोली थी सीएम ने या वह विश्वास सारंग जिनके पास चिकित्सा शिक्षा विभाग है ? इन भाजपाईयों का कहना है कि किसकी भूमिका थी ? इन भाजपा नेताओं के अनुसार यह सब ही जानते हैं कैलाश सारंग व संत पुरुष कैलाश जोशी की कार्यशैली पार्टी के लिए किस प्रकार की थी भाजपा नेताओं और प्रदेश में चल रही तरह-तरह की चर्चाओं को लेकर इन चर्चाओं में मप्र के लोह पुरुष स्वर्गीय बाबूलाल गौर के द्वारा मप्र विधानसभा में कहे गए वह शब्द भी चर्चाओं में जिनमें उन्होंने कहा था कि कैलाश सारंग के पुत्र विश्वास सारंग के विधानसभा क्षेत्र नरेला विधानसभा के विधायक हैं उनकी विधानसभा क्षेत्र में जुआरियों व सटोरियों को किसका संरक्षण प्राप्त है? यह वही विश्वास सारंग हैं जो अपने जन्मदिन पर अपने बंगले के बाहर जो पोस्टर लगाते हैं उस पोस्टर में अपने पैरों के नीचे एक पंडित का चित्र लगाने में नहीं चूकते हैं? इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि विश्वास सारंग और भाजपा के नेताओं में ब्राह्मणों के प्रति किस प्रकार की धारणा बनी हुई है शायद इसी धारणा के चलते मालवा के एकमात्र ब्राह्मण नेता भाजपा के संत पुरुष कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी को भाजपा छोडऩे के लिये मजबूर किया गया अब देखना यह है कि इन भाजपा के पांच नेता जिनके बारे में भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने जिन मध्यप्रदेश के पांच भाजपा के नेताओं का पांचाली शब्द से नामांकरण किया है यह “पांचाली” कितने और ब्राह्मण व कर्मठ नेताओं को पार्टी से अलग करने अपनी भूमिका निभाते हैं वैसे भी शिवराज सरकार में ब्राह्मण मंत्रियों की जो हालत है यह तो सभी को जानकारी है इस तरह की शिवराज सरकार और भाजपा की नीतियों के परिणाम क्या होगें यह तो आने वाला भविष्य बतायेगा? फिलहाल शिवराज के शासनकाल की कार्यशैली से इस प्रदेश का भला तो नहीं हुआ है पर यह जरूर है कि मध्यप्रदेश कर्जदार हो गया और अपना काम चलाने के लिये सरकार को अपनी परिसंपत्ति बेचना पड़ रही है इसके साथ साथ प्रतिदिन कर्ज लेना पड़ रहा है?
