विकासखंड स्त्रोत समन्वयक हेतु निर्धारित योग्यता व्याख्याता एवं प्रधानपाठक के लिए होगा चयनित-कलेक्टर।

फिंगेश्वर :– कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा गरियाबंद प्रभात मालिक के द्वारा जिले के फिंगेश्वर, छुरा, मैनपुर एवं देवभोग विकासखंडों में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक बीआरसीसी के पदों को नए सिरे से पदस्थापना करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि उक्त पद पर पद के अनुरूप शिक्षकों को नही बिठाने के कारण समय समय पर समाचार पत्रों में विभाग की किरकिरी होती रही। और अंततः इन समाचारों को विराम देने की कोशिश करते हुए नए सिरे से पदस्थापना करने की कवायद की जा रही है। परंतु जिले के अधिकारियों ने फिर कलेक्टर के मंसूबों पर पानी फेरते हुए राज्य द्वारा निर्धारित योग्यता को अपने हिसाब से परिवर्तित कर दिया। उक्त पद हेतु प्रधानपाठक माध्यमिक शाला एवं व्याख्याता योग्य है परंतु अपने चहेते लोगों को उपकृत करने के लिए निर्धारित योग्यता को जानबूझकर शिथिल करते हुए प्रधानपाठक माध्यमिक शाला तथा शिक्षक कर दिया गया है। बताना लाजमी होगा कि प्रधानपाठक माध्यमिक शाला तथा व्याख्याताओं को शासन के द्वारा राजपत्रित का दर्जा दिया गया है जबकि माध्यमिक शाला के शिक्षक राजपत्रित नही होते हैं।छत्तीसगढ़ शिक्षक प्रदेश फेडरेशन के जिला अध्यक्ष मिश्रीलाल तारक, जिला सचिव डोरेश मेहरा, कोषाध्यक्ष सोहनलाल सेन, तहसील अध्यक्ष टी.आर.धनकर, ब्लॉक अध्यक्ष यशवंत साहू, शंकरलाल साहू, धर्मेंद्र ठाकुर सहित घनश्याम साहू, भोला मांडे, पारेश्वर यादव, सतीश मालवीय, सागर शर्मा आदि व्याख्यातों ने भी उक्त पद पर केवल व्याख्याता एवं प्रधानपाठक मिडिल स्कूल को ही राज्य शासन के नियम के अनुरूप पदस्थापना करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि विकासखंड स्त्रोत समन्वयक का दायित्व संकुल प्राचार्य को निर्देश देने का है जोकि जो कि एक उच्च वर्ग शिक्षक नहीं कर सकता। चूंकि न्यूनतम योग्यता मिडिल प्रधनपाठक या व्याख्याता है अतः उससे कम योग्यताधारी शिक्षकों से आवेदन नही लिया जाए।विकासखंड स्त्रोत समन्वयक हेतु निर्धारित योग्यता व्याख्याता एवं प्रधानपाठक माध्यमिक शाला ही है। उपर्युक्त योग्यताधारी नही मिलने पर शिक्षकों को भी बनाया जा सकता है। श्याम चंद्राकर जिला मिशन समन्वयक