
राजिम:- जामुन का सेवन करने से आपका दिल हेल्दी और स्ट्रॉन्ग बनता है, जामुन खाने से डाइजेशन बेहतर होता है और कब्ज की समस्या से निजात मिलता है। वजन कम करने के लिए भी जामुन काफी फायदेमंद माना जाता है। जामुन में एंटीऑक्सीडेंट्स की मात्रा पाई जाती है जिसके चलते स्किन के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होता है।
जामुन के फायदे-जामुन की गुठली के फायदे मधुमेह में-जामुन एक ऐसा फल है जिसे शुगर रोगी बिना किसी परेशानी के खा सकते हैं। जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जामुन के मौसम में इसके नियमित सेवन से डायबटीज के मरीज को फायदा होता है। इससे मधुमेह के मरीज को होने वाली समस्याएं जैसे बार-बार प्यास लगना और बार-बार पेशाब होना आदि में भी लाभ मिलता है। इसलिए आप प्रतिदिन 200 ग्राम जामुन का सेवन करें। जामुन की गुठली ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बहुत अच्छी मानी जाती है। 100 ग्राम जामुन की गुठली लेकर इसे अच्छी तरह पीसकर कर पाउडर बनालें। रोज सुबह-शाम 3 ग्राम गुठली पाउडर का सेवन करें। इससे आपका मधुमेह जड़ से खत्म हो जाएगा।
जामुन की छाल पेट की समस्या में-अगर आपको हमेशा पेट की समस्या रहती है और खाना भी नही पचता तो आप रोज नाश्ते के बाद 100 ग्राम जामुन का सेवन करें। इससे आपकी पेट की समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। अगर आपके पेट में मरोड़, ऐंठन आदि की समस्या है तो जामुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से फायदा मिलेगा। जामुन की छाल को घिसकर पानी के साथ दिन में एक दो बार सेवन करने से अपच, पेट ख़राब की समस्या दूर होती है।
जामुन के पत्ते के फायदे मसूड़े के लिए-अगर आपको पायरिया की शिकायत है तो जामुन की गुठली में थोड़ा नमक मिलाकर इसे बारीक पीस लें। अब इस मिश्रण को रोज अपने दांतो और मसूड़ों पर मलें। इससे खून निकलना बंद हो जाएगा और आपकी पायरिया की शिकायत दूर हो जाएगी। अगर आपके मसूड़े कमजोर हैं तो जामुन के पत्तों की राख का मंजन करने से लाभ मिलता है। अगर आपके मसूड़े से खून आता है या कोई अन्य समस्या जैसे मसूड़ों में सूजन आदि है तो जामुन के कोमल पत्तों को पानी मे उबाल कर पानी से कुल्ला करने पर फायदा होता है। अगर कोई मुंह की दुर्गंध से परेशान है तो जामुन के पत्ते चबाने और उसे चूसने से आपकी दुर्गंध ख़त्म हो जाती है।जामुन के लाभ एनीमिया के लिए-जामुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन और विटामिन जो कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो तो उसे जामुन का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिये। इससे शरीर में खून का स्तर बढ़ जाता है।
जामुन के फायदे लीवर की-समस्या में-अगर आपको लीवर की समस्या है तो जामुन का रस पिएं। रोज सुबह-शाम जामुन के रस का सेवन करने से आपकी लीवर की समस्या ख़त्म हो जाएगी। जामुन का सिरका बेनिफिट्स अतिसार में-जामुन की छाल महिलाओं मे अतिसार की समस्या में फायदेमंद है। गर्भवती महिलाओं के लिए भी अतिसार में फायदेमंद है। इसके लिए जामुन की छाल को पानी में उबालें और जब यह पानी एक चौथाई रह जाए तो इसे छानकर 2 से तीन बार धनिया और जीरे के चूर्ण के साथ सेवन करने से फायदा मिलेगा। जामुन की गुठली का चूर्ण पथरी की समस्या में-अगर किसी को पथरी की समस्या है तो जामुन की गुठली के पाउडर को दही के साथ लेने से लाभ मिलता है। जामुन का फल खाने से भी पथरी में फायदा होता है। गठिया के उपचार में जामुन के गुण-जामुन गठिया के उपचार में भी उपयोगी है। इसकी छाल को खूब उबालकर बचे हुए घोल का लेप घुटनों पर लगाने से गठिया में आराम मिलता है।जामुन की गुठली का चूर्ण घाव के लिए-अक्सर नए जूते पहने से पांव में छाले पड़ जाते हैं। ऐसे समय पर जामुन की गुठली पीस कर लगाने से आपका दर्द दूर हो जाएगा। अगर आपको घाव हो गया है तो जामुन की गुठली को सुखाकर पीस लें, फिर उस पाउडर में पानी डालकर पेस्ट बनाकर घाव पर लगाने से फायदा मिलता है।
जामुन के नुकसान –जैसे जामुन हमारे लिए फायदेमंद है वेसे ही इस का अधिक सेवन नुकसानदायक है। दूध पिलाने वाली महिलाओं को जामुन का सेवन नही करना चाहिए। खाली पेट जामुन खाना ख़तरनाक होता है। जामुन खाने के तुरंत बाद कभी भी दूध नहीं पीना चाहिए। ज़्यादा मात्रा में जामुन खाने से दर्द और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही यह गले और सीने के लिए भी हानिकारक होता है। बहुत अधिक मात्रा में जामुन खाने से खाँसी हो जाती है और यह फेफड़े के लिए हानिकारक साबित होती है।
