कइसे कलजुग आगे—

——-///—-///—-///—-
कइसे कलजुग आगे भगवान-2
सब बेचागे धरम अऊ ईमान–
सुनो बेंदरा ल कुकुर डर्रावत हावय,
मुसुवा ह बिलई ल दौड़ावत हावय|
देख कऊँवा ह गाना सुनावत हावय,
सच कोयली ह देख लजावत हावय||
कइसे कलजुग आगे भगवान_2
सब होवत हे आन के तान–

बेटा ह घर म करत हे सियानी,
बिन मौसम के गिरत हे पानी|
होरा भूंजावात हे छानी-छानी,
अजब दुनिया के गजब कहानी||
कइसे कलजुग आगे भगवान-2
सब होवत हे आन के तान–

अजी बेटा ह सास के सेवा करय,
अऊ सास ह बहु बर पानी भरय|
गुरु के परीक्षा ल चेला ह लेवय,
बिन पैसा के इंहा परसाद न देवय||
कइसे कलजुग आगे भगवान–2
सब होवत हे आन के तान–

सौ में से नब्बे नेता मन बेइमान,
चोर अऊ पुलिस ह बधे मितान|
पथरा ह जगा-जगा बनगे भगवान,
फेर मनखे नइ बन सकिस इंसान||
कइसे कलजुग आगे भगवान,
सब बेचागे धरम ईमान—

रचनाकार:-श्रवण कुमार साहू, “प्रखर”
शिक्षक/साहित्यकार, राजिम, छ. ग.