ढाई महीने में संगम नदी से नहीं उठ पाया बड़े नुकीले पत्थर।

राजिम :- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध प्रयागराज त्रिवेणी संगम नदी में माघी पुन्नी मेला के लिए पत्थरों को बिछाकर सड़क बनाए गए थे। मेला 5 फरवरी से लेकर 18 फरवरी तक चला उसके बाद अब अप्रैल का माह भी बीतने को है और अभी तक रेत में लगे पत्थर को पूरी तरह से नहीं उठाया गया है। बड़े-बड़े पत्थर टूटकर वहीं पर बिखरे पड़े हैं। धोखे से भी पैर इन पत्थरों के संपर्क में आ गए तो खून निकलना लाज़मी है। यह पत्थर ओर से लेकर छोर तक बिखरे पड़े हैं। कुछ पत्थरों को इकट्ठा कर भी रखे गए हैं लेकिन उन्हें उठाया नहीं गया हैं। जिसके कारण नदी में जाने वाले श्रद्धालु चोटिल हो रहे हैं। किसी के पैर कट रहे हैं तो कोई रास्ते से हटाने के चक्कर में घाव लेकर वापस हो रहे हैं। छोटे-छोटे बच्चे इन पत्थर के टुकड़ों को खेल भी रहे थे। एक बच्चे की उंगली पर चोट आई तो वह रोना शुरू कर दिए उसके बाद तो दौड़ते हुए उनके पिताजी आए और उन्हें घर ले जाकर प्राथमिक उपचार किए। इन पत्थरों को यहीं पर छोड़ने से अनेक दिक्कतें हो रही है। यदि नहीं हटाया गया तो बारिश काल में बाढ़ आने के पश्चात यही पत्थर पूरे नदी क्षेत्र में फैल जाएगा और फिर लोग परेशान होते रहेंगे। बताना जरूरी है कि प्रदेश सरकार के द्वारा माघ पूर्णिमा मेला पूर्व वर्ष की भांति नदी की रेत पर ही लगाया गया। आने जाने में दिक्कत ना हो इसलिए रेत के सड़क के बीचो बीच फर्सी पत्थर लगा दिया गया था। यह पत्थर पंचेश्वरनाथ महादेव मंदिर से लेकर कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर से होते हुए नेहरू घाट से होकर अटल घाट तक तथा विभागीय स्टाल लगे हुए थे उस सड़क पर भी बिछाये गए थे। पिछले 4 वर्षों से मेले में फंसी पत्थर ही बिछाया जा रहे थे लेकिन मेला समाप्त होने के बाद पूरी तरह से उठाकर ले जा रहे थे परंतु इस बार विभागीय उदासीनता के चलते यह स्थिति निर्मित हुई है। निकालने के चक्कर में जो पत्थर टूट गए उन्हें वहीं पर छोड़ दिए हैं स्थानीय लोग आज नहीं तो कल ले जाएंगे करके देखते रहे और अब तक ढाई महीने हो गया है। उल्लेखनीय है कि राजिम संगम छत्तीसगढ़ का प्रमुख तीर्थ स्थल है यहां स्नान, दान, अस्थि विसर्जन जैसे धार्मिक कृत्य के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देशभर से लोग बड़ी संख्या में आते रहते हैं। नदी की साफ सफाई एवं पत्थर को छोड़ देने से श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है इस संबंध में पीडब्ल्यूडी विभाग उप संभाग राजिम के एसडीओ से गुरुवार शाम 6:54 में मोबाइल से संपर्क किया गया पूरी कॉल गया लेकिन एसडीओ साहब फोन उठाना उचित नहीं समझा नहीं रिसीव किया। श्रद्धालुओं ने राजिम विधायक अमितेश शुक्ल से शीघ्र नदी से पत्थर को हटाने की मांग की है।