वन परिक्षेत्राधिकारी सोनहत को वनमंडल अधिकारी बैकुंठपुर का प्राप्त संरक्षण
श्रमिकों का खाता नंबर बना भ्रष्टाचार को छिपाने का साधन

एक ऐैसा वन परिक्षेत्र जहां 1 वर्ष तक कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ , संदेह के घेरे में…….?
कोरिया एस के मिनोचा/ सूचना के अधिकार के तहत आवेदन कर्ता द्वारा जन सूचना अधिकारी सोनहत वन क्षेत्र से दो विषयों पर जानकारी मांगी गई थी, जिसे अपील करने के उपरांत वन परिक्षेत्राधिकारी शिवानंद मिश्रा के द्वारा बिल बाउचरों पर श्रमिकों के खाता नंबर अंकित होने का हवाला देकर संबंधित बिल बाउचर दिया जाना संभव नहीं है कह कर अपीलाथी॔ को मना कर दिया गया एवं विगत वर्ष कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ बता कर अपना जवाब दे दिया गया|
अब सवाल यह उठता है कि क्या वन परीक्षेत्र सोनहत में वास्तव में साल भर तक कोई भी कार्य नहीं हुआ, क्या पूरे वर्ष भर एक भी गड्ढा नहीं खोदा गया……?
वही वनपरिक्षेत्राधिकारी के द्वारा यह भी कहा गया कि बिल वाउचर में श्रमिकों के खाता नंबर अंकित होता है जिसे दिया जाना संभव नहीं है ,
अगर कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है तो श्रमिकों का खाता नंबर का सवाल ही नहीं उठता ,
इससे साफ जाहिर होता है कि उक्त रेंजर शिवानंद मिश्रा को वन मंडल अधिकारी का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है क्योंकि वन मंडल अधिकारी की अनुमति से ही कोई भी कार्य वन परिक्षेत्र में होते हैं ,यह जानते हुए भी कि विकास कार्य हुए हैं वन मंडल अधिकारी के द्वारा वन परीक्षेत्र अधिकारी के ऊपर कोई कार्यवाही ना करते हुए अपीलकता॔ को द्वितीय अपील करने का रास्ता दिखा दिया |
बिल वाउचर मे श्रमिकों का खाता नंबर अंकित होता है कहकर भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास वन परीक्षेत्राधिकारी के द्वारा किया गया जो कि नियम के विरुद्ध है ,बिल बाउचरों में अनाप-शनाप राशि भरकर भारी-भरकम राशि का दुरुपयोग किया गया है वहीं विकास के नाम पर शासन को भी चूना लगाया गया,
अपीलाथी॔ के द्वारा राज्य सूचना आयोग छत्तीसगढ़ शासन को द्वितीय अपील एवं सचिव वनविभाग को शिकायत कर ऐसे भ्रष्ट अफसरों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही
