
राजिम :- चौबेबांधा में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का समापन पूर्णाहुति के साथ हुआ। हनुमान मंदिर प्रांगण में दो यज्ञ कुंड बनाए हुए थे जिसमें पंडित गुलाब शर्मा ने मंत्रोच्चार किया। यज्ञ कुंड में ग्रामवासी आहुतियां डाली गईं।
स्वाहा स्वाहा के मंत्रों का उच्चारण होता रहा। ग्रामीण देवी-देवताओं के आह्वान से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। प्रभु श्री रामचंद्र की महाआरती उतारी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ सोनकर समाज के महामंत्री चेतन सोनकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि माताओं के चार रूप होते हैं जन्म देती है तब हम उसे बूढ़ी माई कहते हैं। बहन संतोषी माता, पत्नी के रूप में देवी लक्ष्मी, मां सरस्वती का स्वरूप हम अपने बेटियों को मानते हैं। उन्होंने आगे कहा कि बच्चों के नामकरण भगवान के नाम पर होना चाहिए। रामचरित्र मानस में हमने मंथरा और कैकई नाम सुना है उसके बाद आज तक कोई माता-पिता अपने बच्चों का नाम इस नाम पर रखते हुए नहीं देखा गया है। कर्म ऐसे करो की आपके नाम पर कोई दूसरा अपना नाम रखें। देवी देवताओं का नाम रखने से अपने पुत्र पुत्रियों का नाम भी हो जाता है और देवी देवता का भी नाम लेने का अनायास फल मिलता है। उन्होंने पर्यावरण की महत्ता पर पेड़ लगाने की बात कही। अध्यक्षता कर रहे गौठान समिति के अध्यक्ष विष्णुराम जांगड़े ने कहा कि मेरा पुण्य सौभाग्य है कि ऐसे मंच पर मुझे बैठने का अवसर मिला। रामायण मानव समाज के लिए बहुत जरूरी है इनके बिना हम अपने आप को अधूरा पाते हैं, क्योंकि यह जीवन के रंग और ढंग दोनों बदल देते हैं। सिंधौरी के पूर्व सरपंच सोहन वर्मा ने कहा कि भगवान राजीवलोचन की कृपा से इस गांव में हर साल रामायण का कार्यक्रम होना सबसे बड़ा उदाहरण है। लंबे समय से जब हमारा जन्म नहीं हुआ था तब से यहां रामायण चल रहा है यह यहां के लोगों की श्रद्धा भक्ति का परिचायक है। आयोजक मंडली के संरक्षक सेवक श्रीवास ने कहा कि प्रत्येक घर में रामायण का पाठ होना चाहिए इससे घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है। एक साथ भोजन करने से विश्वास बना रहता है। मां की प्रेरणा मानस मंडली आरंग रायपुर के व्याख्याकार वीरेंद्र कुमार साहू ने केवट प्रसंग पर कहा कि गुहा निषादराज प्रभु रामचंद्र का चरण धोकर अपने सहित पूरा परिवार को तार लिया। परिवार में एकता बहुत जरूरी है वर्तमान समय में हम काम में इतना व्यस्त हो गए हैं कि एक साथ बैठकर भोजन भी नहीं कर पा रहे हैं यदि साथ में बैठकर भोजन करें तो परिवार की एकता बनी रहती है और एक दूसरे पर विश्वास बना रहता है। मुख्य गायिका प्रेरणा साहू एवं गायत्री साहू ने अनेक धार्मिक भजन सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी।
सत्यम शिवम मानस परिवार कांचरी खैरागढ़ के व्याख्याकार कामता प्रसाद सेन कहा कि राम नाम अनंत है जिस तरह से सागर की गहराई को नापा नहीं जा सकता, उसी तरह से प्रभु की महिमा अपार है जीवन को पार लगाने का राम नाम प्रमुख साधन है जिसके जरिए भवसागर पार किया जा सकता है। श्रद्धा सुमन बालिका मानस मंडली पचपेड़ी धमतरी के कु. दामिनी साहू ने लंकाकांड के प्रसंग पर छोटी- छोटी बातों से अनेक जानकारियां दी। उन्होंने तुलसी माता की पूजा करने से लेकर पेड़ पौधों को अपने बहन बेटियों और भाई के नाम पर रखने की बात कही। कोंडागांव की महिला मंडली को रात्रि 1:00 बजे तक सुनते रहे मां गायत्री महिला मानस मंडली मारंगपुरी कोंडागांव के व्याख्याकार मोनिका सिन्हा एवं मुख्य गायिका प्रभात साहू की युगल जोड़ी ने शानदार प्रस्तुति दी और श्रोतागण रात्रि 1:00 बजे तक रामायण कार्यक्रम को सुनते रहे। कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार सोनकर, गणेश साहू, सुदामा पाल, हेमंत सोनकर ने किया। इस मौके पर मुख्य रूप से दीपक श्रीवास, नरेश पाल, नकछेड़ा साहू, बरत राम साहू, पुनऊ राम पटेल, गणेश ध्रुव, चम्मन साहू, भारत श्रीवास, सीरत साहू, लोचन निषाद, लीलाराम साहू, मंथीर पाल, ईश्वर पाल, प्रीतम साहू, रघुनंदन पटेल, होरीलाल पटेल, गणेश पाल सहित अनेक लोग मौजूद थे।
लोक कलाकार लालिमा और रामकुमार हुए सम्मानित इस अवसर पर राजेंद्र से पहुंचे लोक कलाकार राम कुमार देवांगन एवं लालिमा पटेल को मंच पर स्मृति चिन्ह एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी तरह से पैड वादक परमेंद्र महिरवार एवं चंद्रशेखर साहू शिक्षक को भी सम्मानित किया गया।
