माता पिता की सेवा से बढ़कर संसार में और कोई सेवा नहीं: पुष्पा साहू।

राजिम :- समय आने पर नारियां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती एवं मां काली भी बन जाती है इतिहास गवाह है नारियों ने अपने योगदान से सृष्टि को सींचा है। उक्त बातें जनपद पंचायत फिंगेश्वर के अध्यक्ष पुष्पा जगन्नाथ साहू ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहीं। वह मंगलवार को ग्राम चौबेबांधा में आयोजित राज्य स्तरीय रामायण सम्मेलन में विशाल श्रोताओं के बीच संबोधित करते हुए आगे कहा कि माता पिता की सेवा से बढ़कर और कोई सेवा नहीं है ।धरती में ईश्वर नहीं आ रहे हैं लेकिन अपने स्वरूप में माता-पिता को भेज दिए हैं उनका सम्मान करना, सेवा करना ही सबसे बड़ा पुण्य है। उन्होंने सीता सावित्री गीता से लेकर माता अनसूया के कथानक को चित्रित किया। मोबाइल के जरिए फैल रहे प्रदूषण को कम करने के लिए कहते हुए कहा कि जितना उपयोग हो उतनी इस्तेमाल करें बच्चों को मोबाइल से दूर रखें जब तक बड़े यह काम नहीं करेंगे बच्चे जो देखते हैं वही सीखता है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर रंगमंच बनाने की बात कही। अध्यक्षता कर रही जनपद पंचायत के सभापति सुगंधित घृतलहरे ने कहां की राम और रामायण दोनों एक दूसरे के पूरक है राम का नाम लेना ही शुभ है मुझे आमंत्रित किया इसके लिए मैं धन्यवाद देती हूं और गांव में नाली निर्माण की घोषणा भी करती हूं। इस मौके पर श्री राम दरबार मानस मंडली के संरक्षक सेवक श्रीवास, सरपंच दुलीचंद आंडे, उपसरपंच धनेंद्र साहू, श्रीराम संगीत कला केंद्र के आचार्य तुला राम साहू प्रमुख रूप से मौजूद थे।

मानस मंडलिओं ने कहा-घर में प्रतिदिन रामायण का पठन होना चाहिए

मंगलवार को रामायण की शुरुआत भूमिजा महिला मानस परिवार गुढ़ियारी रायपुर के द्वारा किया गया। व्याख्याकार रूपौतीन नागरची ने कहा कि प्रत्येक घर में रामायण होना चाहिए और उनका पठन भी जरूरी है। जब बड़े खुद रामायण पढ़ेंगे तो उन्हें देखकर छोटे बच्चे सीखेंगे। हम सिर्फ अपने बच्चों को रामायण पढ़ने के लिए कहते हैं खुद नहीं पढ़ते। यही सबसे बड़ी विडंबना है जिस दिन हर घर में रामायण का पठन होगा उस दिन पूरी दुनिया में सुख शांति एवं समृद्धि फैल जाएगी।

इनके गायिका खिलेश्वरी साहू ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किया जिसे सुनकर श्रोता का मुग्ध होते रहे। पावन धारा मानस परिवार चूहा घटारानी के ओम प्रकाश यादव ने कहा कि सुंदरकांड में सुंदर कथाओं का वर्णन है। हनुमान जी के द्वारा लंका प्रस्थान करना और लंकिनी को सत्संग का लाभ देना उनके गुण निधान होने का प्रतीक है हनुमान जी प्रबंधन के गुरु है। साईं कृपा मानस परिवार जीवतरा महासमुंद के संजय सेन लंका कांड पर शानदार व्याख्यान किया। श्री राम मानस परिवार बेला चंडी के राम यादव ने किष्किंधा कांड पर बंदर भालू की महिमा का वर्णन किया। मां की प्रेरणा मानस एवं सुआ परिवार धर्म नगरी आरंग के बैठा कार वीरेंद्र कुमार साहू ने शबरी प्रसंग पर कहा कि शबरी त्याग की मूर्ति है। राम के इंतजार में पूरी उम्र खपा दिया। उन्होंने कहा कि जिसके जीवन में राम का आगमन हो जाए उन्हें तब जब करने की आवश्यकता नहीं है जोकि राम का नाम है श्रेष्ठ है। इस मौके पर प्रस्तुति देने वाले प्रत्येक मानस मंडली को पुरस्कृत किया गया तथा भंडारा का आयोजन किया गया आने वाले श्रोताओं को भंडारे में खीर पुरी एवं भोजन प्रसादी प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार सोनकर, गणेश साहू, रवि पाल ने किया। राम से बड़ा राम का नाम, अतिथि के रूप में पहुंचे कृषि उपज मंडी राजिम के अध्यक्ष रामकुमार गोस्वामी ने कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है दो अक्षर के नाम पर पूरा जीवन समाया हुआ है। इसलिए सोते उठते बैठते राम नाम का स्मरण करें जीवन धन्य हो जाएगा। विधायक प्रतिनिधि रामकुमार साहू ने आयोजन की बधाई देते हुए राम की महिमा का गुणगान किया।