
देवभोग :- दो साल पहले नगर के लोगों ने राम मंदिर बनाने का निर्णय लेकर संकल्प लिया था कि जल्द ही भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाएंगे। वही संकल्प को पूरा करने के लिए नगर के हर वर्ग के लोग भरसक प्रयास भी कर रहे थे। आमजनों के प्रयास के फलस्वरूप आज वह संकल्प पूरा होने जा रहा है। आज झाराबाहाल में राम मंदिर निर्माण की नींव पंडित युवराज पाण्डेय महाराज के द्वारा विधि विधान से पूजा पाठ कर रखा जा रहा है। यहां बताना लाजमी होगा कि झाराबाहाल में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन शुरू हो गया है। वही पूजा में पंडित लक्ष्मीनारायण तिवारी और उनकी पत्नी विदुलता तिवारी बैठकर पूजा को सम्पन्न करवा रहे है। समाचार लिखे जाने तक राम मंदिर भूमिपूजन के लिए पूजा पाठ शुरू हो गया है।
नगर हो गया राममय- झाराबाहाल में राममंदिर के भूमिपूजन में पूजा पाठ सम्पन्न करवाने अमलीपदर के पंडित युवराज पाण्डेय महाराज आज जैसे ही देवभोग के झाराबाहाल पहुँचे। तो युवाओं और महिलाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद युवाओं की बाइक रैली पंडित जी को लेकर नगर भ्रमण के लिए निकली, नगर भ्रमण के दौरान पंडित जी नगर के प्राचीन मंदिर जगन्नाथ मंदिर में पहुँचे। जहाँ उन्होंने पूजा अर्चना कर क्षेत्र के सुख समृद्धि की प्रार्थना की। इसके बाद बाइक रैली में शामिल युवाओं ने पंडित युवराज पाण्डेय और कर्ता लक्ष्मीनारायण तिवारी और उनकी पत्नी विदुलता तिवारी का भव्य स्वागत किया और उन्हें लेकर झाराबाहाल के साई मंदिर पहुंची। जहाँ राम मंदिर के भूमिपूजन का पूजा सम्पन्न होना था। जहाँ फिर से पंडित जी को फूल मालाओं से लादकर उनका भव्य स्वागत किया गया। बाइक रैली के दौरान पूरा नगर जय जय श्री राम के जयकारों से गूँजता रहा, 15 डिसमिल में बनेगा भव्य राम मंदिर-राम मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि झाराबाहाल में साई मंदिर के प्रांगन में 15 डिसमिल में भव्य राम मंदिर का निर्माण किया जायेगा, सभी ने बताया कि आज भूमिपूजन होने के बाद मंदिर निर्माण का कार्य भी शुरू हो जायेगा। आज भूमिपूजन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया है। समिति के सदस्यों के मुताबिक भंडारा दोपहर में शुरू होगा, जो देर रात तक चलेगा। साई मंदिर बनाने का संकल्प भी कर चुके है पूरा-यहां बताना लाजमी होगा कि इससे पहले भी नगरवासियों ने साई मंदिर बनाने का संकल्प लिया था। उस संकल्प को नगरवासी पूरा भी कर चुके है, नगर के युवाओं ने अपने दृढ़ निश्चय के बदौलत बंजर पड़ी पहाड़ी जमीन को हरा भरा कर गार्डन में तब्दील कर दिया है, वही पहाड़ के ऊपर बनी साई मंदिर भी नगर वासियों के आस्था का प्रतीक है।
