महिलाओं के सम्मान से देवी खुद प्रसन्न हो जाती है: रोहित साहू।

पांडुका :- देवी भागवत पुराण महिलाओं का सम्मान करने के लिए सिखाती है जिस घर में बेटियां होती है वह घर स्वर्ग से कम नहीं है दुनिया में स्वर्ग खोजने की जरूरत नहीं है जहां बेटियों की चहल-पहल हो उनका सम्मान हो वहां खुद स्वर्ग प्रकट हो जाता है। उक्त बातें सोमवार को कुरूद में चल रहे देवी भागवत पुराण कथा के दरमियान पहुंचे जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू ने कहा।

उन्होंने उपस्थित बड़ी संख्या में श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2 से 10 वर्ष की कन्या मां दुर्गा का रूप है। नवरात्र पर्व में महा अष्टमी को नौ कन्या भोज किया जाता है जिसमें 2 से 10 वर्ष की बालिका को आमंत्रित कर उन्हें भोज खिलाया जाता है तथा उनकी पूजा-अर्चना की जाती है यही बालिका मां दुर्गा का रूप है। जिस घर में नारियों का सम्मान होता है वह घर स्वर्ग से भी बढ़कर हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है और देश का नाम रोशन कर रही है भारत सरकार ने महिलाओं के नाम से अनेक कदम उठाए हैं और उन्हें बराबर का सम्मान दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत देवी देवताओं का देश है यहां रामकृष्ण से लेकर गौतम गांधी और सीता सावित्री ने जन्म लेकर भूमि को पवित्र कर दिया है। साल भर में चार नवरात्र पर्व पढ़ते हैं उनमें से दो अदृश्य तथा दो साक्षात् चैत्र और कुंवार माह में आता है चैत्र का नवरात्र पर्व जीवन के सारे तथ्य को उजागर करते हैं जिस तरह से जवारा छोटे से बड़े होते हैं उसी तरह से हम बचपन से युवा बूढ़ा इत्यादि अवस्था को प्राप्त करते हैं 9 दिन में ही जमारा छोटे से बड़े हो जाते हैं ठीक इसी प्रकार से 9 अंक हमारे जीवन के सारे तथ्य को उजागर कर देते हैं। श्री साहू अपने सारे कार्यक्रम छोड़कर कुरूद पहुंचकर वहां की जनता से मुलाकात की और नवरात्र पर्व की शुभकामनाएं दी। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रोता गण उपस्थित थे।