राजिम रेलवे स्टेशन की किस्मत 134 साल बाद जागी।

राजिम। रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण के नाम से कार्य प्रारंभ होते ही  नगर वासियों की किस्मत 134 साल बाद जागी है विदित हो कि सन् 1888 में रायपुर राजिम  छोटी रेल लाइन प्रारंभ हुई थी तब से अब तक अनेकों बार इसे बड़े लाइन में परिवर्तित करने की मांग उठाई गई मगर इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इस छोटी रेल लाइन को बड़ी लाइन में परिवर्तित करने  पूर्व  मंत्री स्व विद्याचरण शुक्ल, पूर्व सांसद पवन दीवान एवं चंदूलाल साहू प्रयास कर चुके थे तब जाकर यह तोहफा नगर वासियों को मिल पाया ।

अब रेलवे स्टेशन का समतलीकरण कार्य प्रारंभ हो गया है और हाईटेक रेलवे स्टेशन की तैयारी चल रही है रेलवे ठेकेदार अग्रवाल से मिली जानकारी के अनुसार पहले रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा उसके बाद पटरिया बिछाई जाएगी । ठेकेदार ने यह भी कहा कि निर्माण कार्य सम्भवतः  2024 में पूरा करने का लक्ष रखा गया है । रेलवे कार्य प्रारंभ करने के लिए ठेकेदार सहित रेलवे राजस्व इंजीनियर सहित लोगों की टीम यहां पहुंची थी जो रेलवे की भूमि चिन्हित कर ठेकेदार के सुपुर्द करते जा रहे थे। उस आधार पर ठेकेदार ने कार्य आरंभ भी कर दिया। ठेकेदार के द्वारा कार्य प्रारंभ करने के बाद रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जा धारियों के माथे पर चिंता की लकीर पड़ने लगी है वहीं कुछ लोगों ने भी कुछ माह पूर्व ही बिल्डिंग तैयार किया है। रेलवे अवैध अतिक्रमण हटाने अधिकारियों ने बताया कि दो बार नोटिस दिया जा चुका है अब फाइनल नोटिस दी जाएगी और उसमें समय नहीं दिया जाएगा। समय रहते पूरा काम होना है सन 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

रेल के जरिए नगर के विकास को लगेंगे पंख

नए लुक और आधुनिक सिस्टम में सारे कार्य 2 साल के अंतर्गत पूर्ण करने का लक्ष्य रेलवे प्रशासन ने दिया है और ठेकेदार भी उन्हें पूर्ण करने में पूरी दिलचस्पी के साथ लग गए हैं। बताया गया कि इंदिरा मार्केट की तरफ स्टेशन नए लुक में बनाया जाएगा। चूंकि यहां दो शहर राजिम और नवापारा है। दोनों व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। प्रशासन को राजस्व भी बड़ी मात्रा में मिलता है। रेल आने के बाद शहर सीधे राजधानी रायपुर के साथ ही अन्य शहरों से जुड़ जाएगी। इससे व्यापार को पंख लगेगा। बात यह भी हो रही है कि नयापारा के बाद महानदी है इसलिए फिलहाल नवापारा तक ही सीमित रहेगा उसके बाद ट्रेन राजिम जाएगी और हो सकता है राजिम के बाद देवभोग से होकर उड़ीसा या फिर अन्य प्रदेशों तक पहुंचेगी। शहर के लोगों को ट्रेन का लंबे समय से इंतजार था लेकिन अब काम शुरू होने से खुशी आई है।