मितल कंपनी के द्वारा ग्राम कुंदेली में 21.67 एकड़ में बनाया गया आयरन ओर टेलिंग स्टोरेज यार्ड।

किरंदुल / रणवीर सिंह चौहान

एसऑनडेट में कितनी क्वांटिटी डंपिंग हो चुकी है उसका भी नहीं है उल्लेख।

किरंदुल :- दंतेवाड़ा जिले के सुदूर अंचल बैलाडीला में स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मितल निप्पन स्टील इंडिया लिमिटेड अपने पूर्व नाम एस्सार स्टील की स्थापना के समय से ही विवादों में रहते हुए अखबारों की सुर्खियों में बने रहती है। विदित है कि दंतेवाड़ा जिले के कुंदेली गांव में विगत दो महीनों से किरंदुल नगर के समीप स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया लिमिटेड से निकलने वाले लाल अपशिस्ट पदार्थ को कुंदेली गांव में डंप किया जा रहा है।जिसको लेकर गांव के ग्रामीणों के द्वारा। इस लाल जहर का विरोध भी लगातार किया जा रहा है।कुछ दिनों पूर्व सीपीआई की विंग नोजवान सभा एवं आदिवासी महासभा द्वारा भी कुंदेली गांव के ग्रामीणो के साथ मिलकर आर्सेलर मितल कंपनी के द्वारा कुंदेली ग्राम में डंप किये जा रहे कंपनी के अपशिष्ट पदार्थों का जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया गया था।

उल्लेखनीय है, कि बहुराष्ट्रीय कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया लिमिटेड के द्वारा दंतेवाड़ा जिले से सटे ग्राम कुंदेली में जिस जगह कंपनी की लाल जहर रूपी मिट्टी को डंप किया जा रहा है उस स्थान में मित्तल कंपनी ने एक बोर्ड लगा रखा है। लगाए गए बोर्ड के अनुसार एएमएनएस कंपनी का ग्राम कुंदेली में 8.77 हैक्टेयर यानी 21.67 एकड़ जमीन पर आयरन ओर टेलिंग स्टोरेज का यार्ड है जिसमे मितल कंपनी अपशिष्ट पदार्थों को स्टोरेज करती हैं। परंतु कंपनी के द्वारा लगाए गए बोर्ड में इस बात का बिल्कुल भी उल्लेख नहीं है कि कंपनी के द्वारा ग्राम कुंदेली में 21.67 एकड़ जमीन में टेलिंग क्वांटिटी कितनी होगी । साथ ही साथ कंपनी के द्वारा ग्राम कुंदेली में लगाये गए बोर्ड में इस बात का भी उल्लेख नहीं किया जा रहा है कि कंपनी के द्वारा उक्त गांव में वर्तमान समय यानी दिनांक तक कितने लाख टन लाल मिट्टी की डंपिंग की जा चुकी है।

कुंदेली गांव में मितल कंपनी के द्वारा अब तक कितने टन लाल मिट्टी रूपी लाल जहर की डंपिंग की जा चुकी हैं। और भविष्य में 21.67 एकड़ भूमि में और कितनी लाल मिट्टी की डंपिंग की जावेगी। इसका जवाब तो ना ही प्रशासन दे पाएगा और ना ही आर्सेलर मित्तल के द्वारा लगाया गया वो बोर्डही दे पा रहा है। लगातार ख़बरों के माध्यम से शासन प्रसाशन को अवगत कराया जाता रहा है। अब जनता जागरूक हो चुकी है कंपनी के खिलाफ अब आंदोलनकारी रुख अपना चुकी है। सी पी आई के जनरल सेकेट्री के. साजी ने बताया की वृहद् पैमाने पर आंदोलन की तैयारी चल रही है अब आर्सेलर मित्तल कंपनी की दादागिरी नहीं चलेगी। नियम में रहकर कार्य करना होगा या उसे यहाँ से जाना होगा। यहाँ की आदिवासी जनता पूरी तरह से आक्रोशित है आंदोलन की तैयारी में जुटी हुई है।