
रायपुर :- राजधानी के मठपुरैना में 13 मार्च 2023 से प्रारंभ हुई संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह सप्ताह एवं ज्ञान यज्ञ 21 मार्च 2023 को गीता प्रवचन तुलसी वर्षा कपिला तर्पण के साथ संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन 21 मार्च को भव्य भंडारा प्रसाद वितरण किया गया।कथावाचक पंडित अमित सरस भारती झा ने बताया कि मरने के बाद आत्मा के साथ होने वाले व्यवहार की व्याख्या करते हुए कहा कि जब आत्मा शरीर छोड़ता है तो उसे दो यमदूत लेने आते हैं।
मानव अपने जीवन में जो कर्म करता है यमदूत उसे उसके अनुसार अपने साथ ले जाते हैं अगर मरने वाला सज्जन है पुण्य आत्मा है तो उसे प्राण निकालने में कोई पीड़ा नहीं होती है, लेकिन अगर वह दुराचारी अपाचे हो तो उसे पूरा सहना पड़ता है। गरुड़ पुराण में इसका उल्लेख भी मिलता है की मृत्यु के बाद आत्मा को जमदूत केवल 24 घंटे के लिए ही ले जाते हैं और इन 24 घंटों के दौरान दिखाया जाता है कि उसने कितना पाप और कितने पुण्य किए हैं। इसके बाद आत्मा को फिर उसी घर में छोड़ दिया जाता है जहां उसने शरीर का त्याग किया था उसके बाद 13 दिन के उत्तर कार्यों तक वह वही रहता है 13 दिन बाद वह फिर यमलोक की यात्रा करता है पुराणों के अनुसार जब भी कोई मनुष्य मरता है और आत्मा शरीर को त्याग कर यात्रा प्रारंभ करता है तो इस दौरान उसे तीन प्रकार के मार्ग मिलते हैं उस आत्मा को किस मार्ग में चलाया जाएगा यह केवल उसके कर्मों पर निर्भर होता है यह तीन मार्ग हैं अर्ची मार्ग, धूम मार्ग और उत्पत्ति विनाश मार्ग शामिल हैं। इस अवसर पर आयोजनकर्ता सोना देवी सिंह ठाकुर ने कहां की सनातनी व्यक्ति को जीवन में एक बार श्रीमद् भागवत कथा सुनना चाहिए। ताकि उसे जीवन जीने का मूल मंत्र मिल सके और वह भगवान की भक्ति कर सके।
