
सुरेन्द्र मिनोचा:
मनेन्द्रगढ़:- गरीबों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली कांग्रेस की भूपेश सरकार का गरीब विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है इसे लेकर आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा विधानसभा का घेराव किया जाएगा. पूरे प्रदेश से लाखों की संख्या में छत्तीसगढ़िया आज विधानसभा का घेराव कर अपनी आवाज बुलंद करेंगे. उक्त आशय का बयान जारी करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता रामचरित द्विवेदी ने कहा है कि प्रदेश की भूपेश सरकार ने लाखों गरीबों का आवास सिर्फ इसलिए नहीं बनने दिया कि अगर उनको छत मिल जाएगी तो उसमें देश के प्रधानमंत्री का नाम होगा. ऐसी केंद्र की सरकार में विपक्ष की भूमिका अदा करने लायक लोकसभा सीट भी न जीतने वाली कांग्रेस की सरकार इस बार छत्तीसगढ़ में भी सत्ता से बाहर हो जाएगी। द्विवेदी ने कहा कि कांग्रेस संगठन के लिए एटीएम बन चुके भूपेश सरकार का गरीब विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है और ऐसी सोच रखने वाली सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए प्रदेश की जनता तैयार बैठी है। उन्होने बताया कि 16 सितंबर 21 को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पत्र लिखकर राज्य सरकार को आगाह किया था कि 781999 मकानों की स्वीकृति की प्रक्रिया अत्यंत धीमी है इसे 31 अक्टूबर 2021 तक पूर्ण करें। और राज्य सरकार ने राज्यांश के 562 करोड़ रुपए जारी नहीं किए है उसे भी शीघ्र निर्गत करें। परंतु राज्य के मुखिया भूपेश बघेल जी ने आवासहीनों से दुर्भावना के तहत इन पत्रों पर कोई संज्ञान नहीं लिया। भूपेश बघेल के व्यवहार से दुखी होकर छत्तीसगढ़ के पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव ने 16 जुलाई 2022 को एक पत्र लिखा माननीय भूपेश बघेल जी, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश के आवास विहीन लोगों को आवास बनाकर दिया जाना था। जिसके लिए मैंने कई बार आपसे चर्चा कर राशि आवंटन को अनुरोध किया था। किन्तु इस योजना में राशि उपलब्ध नहीं की जा सकी, फलस्वरूप प्रदेश के लगभग 8 लाख लोगों के लिए आवास नहीं बनाये जा सके। इसके अतिरिक्त 8 लाख घर बनाने में से करीब 10 हजार करोड प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सहायक होते हमारे जन घोषणा पत्र में छत्तीसगढ़ के 36 लक्ष्य अंतर्गत ग्रामीण आवास का अधिकार प्रमुख रूप से उल्लेखित है। विचारणीय है कि प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बेधर लोगों के लिए एक भी आवास नहीं बनाया जा सका और योजना की प्रगति निरंक रही और मुझे दुःख है कि इस योजना का लाभ प्रदेश के आवास विहीन लोगों को नहीं मिल सका। इस पत्र के साथ पंचायत मंत्री ने अपना इस्तीफा सरकार को सौंप दिया। सरकार ने बेशर्मी से इस्तीफा तो ले लिया अब परंतु प्रधानमंत्री आवास बनाने की दिशा में कोई भी प्रगति नहीं की। श्री द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश के आवासहीनों को उनका हक दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संकल्प लिया और मोर आवास मोर अधिकार आंदोलन प्रारंभ किया। इसके तहत प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक तहसील, प्रत्येक शहरों में आवासहिनो से फार्म भरवाए। अभी तक लगभग 8500 ग्राम पंचायतों व शहरी क्षेत्रों में वार्डों के 9 लाख परिवारों से मिलकर 7 लाख फार्म जमा करवा चुके है । योजना के अगले चरण में प्रत्येक विधानसभा में आवासहीन प्रभावितों को लेकर कांग्रेसी विधायकों के निवास का घेराव किया। अब तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में घेराव हो चुका है जहां भारतीय जनता पार्टी या अन्य दलों के विधायक है वहां हमने सरकार का घेराव किया। इतने बड़े जनता आंदोलन के बावजूद यह सरकार गरीबों के हितों की ओर आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आवासहीन जनता को उनका अधिकार दिलाने के लिए संकल्प बद्ध है। 15 मार्च को पूरे प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास प्रभावितों को साथ लेकर बड़ी अधिक संख्या में विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश के 16 लाख आवासहीन परिवार, के 48 लाख जनता से वादा करते हैं कि जिनके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में व 2016 की सर्वे सूची के अनुसार प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना में शामिल है। भाजपा की सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास देने का कार्य करेंगे।
