बालोद जिला में एक बार फिर बड़े जुंआ फड़ संचालित होने की सूचना।

बालोद :- जिला के अलग अलग थाना क्षेत्रों में बावनपरी के रसिया लोग अपनी अपनी महफ़िल सजाते रहे है। महफिल में बकायदा बावनपरियो पर नोटों की गड्डियों को न्योछावर करने वाले बावनपरि के तलबगार दुर दूर से इस महफिल का नजारा लूटने हेतु  बुलाये जाते हैं। गोपनीय सूत्रों के मुताबिक यह सब सेटींग के तहत होता है। सेटींग में सफेद,खाकी,नीली ,लाल सब शामिल होते हैं। सबका हिस्सा बंधा होता है। बहरहाल इन दिनों यह सेंटिंग जिला के गुण्डरदेही और रनचिरैई थाना क्षेत्र में निभाई जाने की सूचना गोपनीय सूत्रों के हवाले से प्राप्त हुई है। सेंटींग के तहत इस क्षेत्र में भिलाई , रायपुर,दुर्ग सहित अन्य और बड़े शहरों से बावनपरी के तलबगार महफ़िल में एकजुट हो रहे है। याने बुलाए जा रहे हैं अब किनके द्वारा बुलाए जा रहे हैं बने रहे हमारे साथ,हम सबका जिक्र कर रहे हैं। रोजाना बावनपरी अपनी कसमीन अदाकारी का जौहर दिखाते हुए किसी को पल भर में अमीर बना रही है तो वंही किसी चंद लम्हों में कंगाल । सूत्रों की मानें तो इस क्षेत्र में गोपनीय तरीके से यह खेल जारी है और बकायदा लाखों रुपए का दांव रोजाना खेला जा रहा है। हालांकि इस खेल को आयोजित करने के पीछे एक बड़ा गिरोह का हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि इस गिरोह के कुछ सदस्य उतई,भिलाई से है। जिनके द्वारा अमीर जादो को जुंआ खेलने हेतू जगह मुहैया कराया जा रहा है। खेल जंहा पर आयोजित किया जाता है वंहा तक पहुंचने हेतू कई टिम गिरोह के बने होते हैं जिनके द्वारा खेल की जगह तक खिलाड़ियों को पहुंचाया जाता है। या फिर मोबाइल के जरिए खिलाड़ियों तक सुचना दिया जाता है जिसके आधार पर खेलने वाले लोग तय जगह पर पहुंचते हैं। पहले भी जिला के कई थाना क्षेत्र में अलग अलग गिरोह इस तरह के बावनपरी खेल आयोजित करते रहे है। कई बार पुलिस विभाग को भनक लगी है तो कार्रवाई हुई है वंही कई बार पुलिस की मीलीभगत की बात भी लोगों से सुनने को मिलती हैं। अब सच क्या है यह तो समय ही बताएगा लेकिन गुण्डरदेही और रनचिरैई थाना क्षेत्र में संचालित होने वाली गोपनीय सुचना का सच जांच का विषय है।