राजिम:- माघी पुन्नी मेला में प्रथम दिन लोकमंच अंजोर की प्रस्तुति देने पहुचें लोक गायिका बहनें गरिमा-स्र्वणा दिवाकर ने मीडिया सेंटर में पत्रकारो से चर्चा करते हुए कहा कि लोक कला के लिए समय देने की जरूरत है। लगातार रियाज आत्मविश्वास को प्रगाढ़ करती हैं, जिनके बलबूते पर हम कलाकार मंच पर उतरते है और देखते ही देखते लाखों कला प्रेमियों के दिलों में राज करते है। हम दोनो बहनें प्रतिदिन कही कार्यक्रम हो य ना हो प्रेक्टिस जरूर करते है। सफलता प्राप्त करने के लिए शार्टकट भूलकर न अपनाएं। एक दिन में इसे नहीं सीखा जा सकता। तीन साल की उम्र से पिता संतोष दिवाकर के मार्गदर्शन में निरंतर लोककला को जान रहीं हूं पिता के अलावा मदन चैहान हमारे गुरू एवं प्रेरणाश्रोत रहें हैं। मेरे परिवार में सभी लोग संगीत से जुड़े हुए हैं। मां, भाई, बहन, पिता संगीत के धुनों पर अपने आपको पाकर गौरवान्वित होते है। छत्तीसगढ़ी लोककला अथाह सागर हैं इसे समझने के लिए शायद यह जनम बहुत छोटी हैं। उन्होंने बताया कि वह गायन के साथ गीत भी लिख लेती है। उनके द्वारा लिखे स्वागत गीत मानव मनौती जी चैका पुराव…… खूब सुनी जाती है। कलाकार के जीवन में अक्सर आभाव का प्रभाव देखने को मिलता हैं। परिवार से हमें लोककला वरदान के रूप में मिला है। शुरू-शुरू में कोरस करते थे धीरे-धीरे गाने का अवसर मिला और आज देश भर में मेरी आवाज मेरी पहचान बन गई हैं। गरिमा ने बताया कि दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में चयन हुआ हैं। बताना होगा कि एक सत्र में देश भर से मात्र 27 लोगो को लिया जाता है जिसमें गरिमा का नाम होना बहुत बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ से मात्र दो लोग इस विद्यालय से विद्या प्राप्त कर रही हैं। मैं चाहती हूं कि थियेटर का अनुभव भी हमें होना चाहिए। आडिशन के लिए अप्लाई किया था। इसमें नाटक का मोनो लाक करके दिखाते हैं। इन बहनों ने आगे बताया कि देश के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम के सामने प्रस्तुति देना हमारे लिए सुनहरा अवसर रहा है। अभी तक 5 हजार से ज्यादा मंच पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर चुके हैं। एक प्रश्न के जवाब में दिवाकर बहनों ने कहा कि कोई भी कलाकार मंचो में जाने से पहले रिहर्सल जरूर कर लंेवे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की व्यवस्था से अत्यंत प्रसन्न थी और प्रतिवर्ष राजिम माघी पुन्नी मेला में इसी तरह से आकर कार्यक्रम देने की इच्छा जाहिर की। बता देें कि उन्होंने छत्तीसगढ़ की प्रस्तुती को मंच पर शानदार उकेरा जिसकी खूब चर्चा हो रही है।

