रायपुर :- डब्ल्यूडीसी- पीएमकेएसवाय योजनांतर्गत क्षमता विकास के तहत किसान उत्पादक संगठन एवं मिलेट मिशन विषयक एक दिवसीय कार्यशाला कार्यालय उप संचालक कृषि रायपुर के सभाकक्ष में आयोजित की गई। कार्यशाला में उप संचालक कृषि श्री आर. के कश्यप, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ गौतम राय, डॉ. स्वाती बिसेन, विषय वस्तु विशेषज्ञ, अनुविभागीय कृषि अधिकारी श्री यू.के गव्हाड़े, सहायक संचालक कृषि श्रीमती ममता पाटिल, श्रीमती ईशरत ख्वाजा, सांख्यिकी अधिकारी श्री अनिल सनाढ्य, श्री नवनीत मिश्रा वाटरशेड ग्राम के डब्ल्यूडीटी श्री एम.एल. देवांगन, श्रीमती सारिका, श्रीमती चन्द्रप्रभा, श्रीमती अंकिता, श्री श्रवण पैकरा एवं माइक्रोवाटरशेड ग्राम-गनियारी, पिकरीडीह, बंगोली, मटियाडीह, बरोडा, असौंदा, मोंहदी, मुड़पार के प्रगतिशील कृषक उपस्थित रहें। कार्यशाला में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ गौतम राय द्वारा बताया गया कि किसान उत्पादक संगठन का मुख्य उद्देश्य एक संगठन के माध्यम से उनके स्वयं के उत्पादकों के लिए बेहतर आय सुनिश्चित करना है, जहां सदस्य किसान होते हैै। छोटे किसानों का कृषि व्यवसाय एफपीओ को बढ़ावा देने के लिए सहायता प्रदान कर रहा है। किसान उत्पादक संगठन का उद्देश्य कृषकों के लिए बेहतर आय प्राप्त करना है। लघु धान्य में फसलों के स्वास्थ्य लाभ की जानकारी दी गई। जिसमें बताया गया कि लघु धान्य फसल एसिडिक विरोधी होते है। लघु धान्य फसल लस मुक्त (ग्लूटेन फ्री) है, टाइप 2 मधुमेह को रोकने में मदद करता है। रक्तचाप को कम करने में प्रभावित है, गेस्ट्रिक अल्सर या कोलन कैसर जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्थितियों के जोखिम को कम करता है एवं कब्ज, अधिक गैस, सूजन और ऐंठन जैसी समस्याओं को दूर करता है।

