रायपुर :- राजिम आश्रम में माघी पुन्नी मेला “महाशिवरात्रि मेला” के आरंभ तिथि को मानव उत्थान सेवा समिति रायपुर के तत्वाधान में एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन राजिम आश्रम में किया गया। सत्संग कार्यक्रम में भारत के विभिन्न तीर्थ स्थानों से पहुंचे हुए महात्मा प्रभुचरणानंद (बद्रीनाथ धाम), महात्मा धारानंद (केदारनाथ धाम), महात्मा दीप्ति बाई एवं महात्मा विलक्षणा बाई (हरिद्वार) आदि के मुखारविंद से सत्संग की अविरल धारा बहाई गई। संतो ने बताया कि ईश्वर की प्राप्ति हेतु हमें अपने तन एवं मन को पवित्र बनाना पड़ेगा जिस प्रकार गंदे पात्र में भोजन नहीं बनाया जाता और न ही अपवित्र स्थान पर कोई शुभ कार्य किया जाता है ठीक इसी प्रकार अपवित्र मन होने पर ईश्वर की प्राप्ति कदापि संभव नहीं है। क्योंकि मनुष्य का हृदय मंदिर ही परमात्मा का सच्चा निवास स्थान है और पूर्व के जितने भी संत महापुरुष हुए हैं उन्होंने अपने ह्रदय मंदिर में ही उस परमपिता परमात्मा का ध्यान किया एवं परमात्मा के स्वरूप का साक्षात्कार अपने हृदय मंदिर में ही प्राप्त किया।
इसलिए मनुष्य को अपने आध्यात्मिक उत्थान हेतु निरंतर सत्संग एवं संतों का सानिध्य प्राप्त करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रायपुर, राजिम, महासमुंद एवं आसपास के गांव से सैकड़ों की संख्या में प्रेमी भक्त सत्संग सुधा का पान करने पहुंचे थे। सत्संग कार्यक्रम के समाप्ति पश्चात भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई। राजिम मेला क्षेत्र में मानव उत्थान सेवा समिति संस्था के अध्यात्मिक साहित्य एवं आयुर्वेदिक औषधियों का एक स्टाल भी लगाया गया है। उपरोक्त जानकारी सत्य प्रकाश साहू मीडिया प्रभारी मानव उत्थान सेवा समिति रायपुर से प्राप्त हुई।

