
नगरी:-धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के कर्णेश्वर धाम में 4 फरवरी, माघ पूर्णिमा के अवसर पर महानदी तट के त्रिवेणी संगम में हजारों साधु संतों के साथ श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करेंगे। त्रिवेणी संगम स्थल में साल भर श्रद्धालुओं के लिए पानी उपलब्ध रहे इस उद्देश्य से 234.99 लाख की लागत से एनीकट का निर्माण किया गया पर त्रिवेणी संगम स्थल गर्मियों ने दस्तक भी नहीं दी और पूर्णता सूख चुका है। कुछ भी दूरी पर स्थित अस्थि विसर्जन स्थल भी पूर्णता: सूख चुका है। अस्थि विसर्जन के लिए नदी के सीने में एक गड्ढा खोदकर उसमें अस्थि विसर्जन संस्कार किया जा रहा है। जबकि मंदिर परिसर से कुछ ही दूरी पर स्थित अमृत कुंड का हाल भी बेहाल है। अमृत कुंड चारों तरफ गंदगी का आलम है। क्योंकि महानदी त्रिवेणी संगम पूर्णता सूखा है, इसलिए अस्थि विसर्जन के पश्चात, परिजन अमृत कुंड जिस तालाब में स्थित है, वहीं के गंदे पानी में स्नान करने को मजबूर हैं। मंदिर परिसर के के बाहर स्थित कुछ पौराणिक महत्व के मंदिरों का हाल बेहाल है,वह पूर्णता: जर्जर हो चुकी है और किसी भी वक्त धराशाई होने की स्थिति में है।

ग्रामीणों का आरोप है प्रतिवर्ष कर्णेश्वर मेला ट्रस्ट समिति को माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय मेले और शासकीय अनुदान से प्राप्त लाखों रुपए के आय का उपयोग समिति इन पौराणिक महत्व के स्थलों की सही रखरखाव, देखभाल सही ढंग से नहीं कर रही है। ट्रस्ट के आय और व्यय को भी अखबारों के माध्यम से प्रतिवर्ष सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

आखिर पैसे का कहां-कहां उपयोग किया जा रहा है, क्षेत्रवासियों के जानकारी में होनी चाहिए।

