बसंत पंचमी के अवसर पर हुई काव्य गोष्ठी

बेमेतरा/बेरला :- साहित्यिक गतिविधियों को लेकर चर्चित सुग्घर साहित्य समिति बेरला के द्वारा बीते विगत दिनों आवश्यक बैठक एवं बसंत पंचमी के अवसर पर काव्य गोष्ठी का आयोजन सुग्घर साहित्य समिति के संरक्षक, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र पाटकर स्नेहिल के संयोजन में उनके निज निवास ग्राम कुसमी में आयोजित की गई थी। जहाँ किताब प्रकाशन विमोचन एवं आय-व्यय पर चर्चाओं के पश्चात् काव्य पाठ प्रारम्भ हुई जिसमें सर्वप्रथम वरिष्ठ हास्य कवि राम हृदय वर्मा ने अपनी रचनाओं से सबको गुदगुदाया, जिसके पश्चात गीतकार नारायण प्रसाद वर्मा चंदन ने संयोग श्रृंगार रस पर बेहतरीन गीत प्रस्तुत की, वहीं हास्य व्यंग्य एवं गीतों में पारंगत संतोष परगनिहा ने बेटी की विदाई पर गीत सुनाया। गीतकार मूलचंद साहू ने माँ की ममता पर भी अपनी गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी, जिसके पश्चात् नई कविताओं के सृजनकर्ता युवा कवि विकास कश्यप ने अपनी रचनाओं में बेमेतरा का बखान कर सबका मन मोह लिया। नारी शक्ति के रूप में उपस्थित कवयित्रि मानसी मानस ने नारी शक्ति पर अपनी रचना प्रस्तुत की जिसके पश्चात् गागर में सागर भरने वाले सुरेश निर्मलकर सरल ने अपनी व्यंग्य रचना कइसे होही विकास ? प्रस्तुत कर तंज कसा।

कुसमी निवासी कवि नरेंद्र साहू ने देशभक्ति रचना प्रस्तुत की जबकि राजकुमार निषाद राज ने बसंत बहार पर एक सुंदर छत्तीसगढ़ी गीत गायन कर सब में उमंग जगाया। वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश सोनी ने संयोग श्रृंगार पर बेहतरीन गीत प्रस्तुत की, वहीं डॉ.यू.के.देवांगन ने भी अपनी सुमधुर गीतों से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

वंही डॉ राजेंद्र पाटकर स्नेहिल ने बसंत पर हाइकु रचना प्रस्तुत की। बेहतरीन आल्हा गीतों के साथ कविताओं के दौर का शानदार संचालन कवि कमलेश वर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी साहित्यकारों को श्रीफल एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।