राजिम। नया साल मनाने के लिए प्रयाग नगरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही आने लगे जैसे-जैसे समय बढ़ता गया वैसे वैसे संख्या में भी इजाफा होता गया और शाम 4:00 बजे तक तो करीब 30 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके थे। वीआईपी रोड में गाड़ियों की कतार इस तरह लगी हुई थी कि पांव रखने तक की जगह नहीं दिख रहे थे। अटल घाट इन दिनों सुखा है अतः नदी के नीचे वाली सड़क पर से होकर गाड़ी पार्किंग हो रहे थे। महिला पुरुष बच्चे सभी परिवार के साथ लक्ष्मण झूला पर चढ़कर मंदिर पहुंचे कई लोग भीड़भाड़ को देखते हुए नदी की रेत से होकर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां के प्रसिद्ध भगवान राजीव लोचन मंदिर, कुलेश्वर नाथ महादेव मंदिर, लोमश ऋषि आश्रम, भूतेश्वर नाथ महादेव, पंचेश्वर नाथ महादेव, राज राजेश्वर नाथ महादेव, दान दानेश्वर नाथ महादेव, जगन्नाथ मंदिर, चारों धाम वराह अवतार मंदिर, वामन अवतार मंदिर, नृसिंह अवतार मंदिर, बद्रीनारायण मंदिर, राजिम भक्ति माता मंदिर, सूर्य देव नारायण मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, रामचंद्र देवल, मां महामाया मंदिर, दत्तात्रेय मंदिर, बाबा गरीब नाथ मंदिर, सोमेश्वर नाथ महादेव ब्रह्मचर्य आश्रम इत्यादि मंदिरों में घंटियों की झंकार गूंजती रही। लोग नववर्ष को सेलिब्रेट करने के लिए परिवार के साथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। रविवार छुट्टी होने के कारण भी खासी भीड़ देखी गई। नव वर्ष के अवसर पर ऐसी भीड़ नगर के इतिहास में पहली बार देखने को मिली। हालांकि पुलिस व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से किया गया था। भीड़ को देखते हुए पार्किंग की उपयुक्त व्यवस्था का अभाव देखने को मिल रहा था। नव वर्ष के अवसर पर मंदिरों में भजन कीर्तन तथा कई जगह डीजे डांस प्रतियोगिता, रामायण, हनुमान चालीसा इत्यादि का पाठ होता रहा। बताना होगा कि राजिम माघी पुन्नी मेला 5 फरवरी से शुरू है इससे पहले 7 फरवरी को राजिम भक्तिन माता की जयंती भी होगी। इन सभी कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। परंतु रविवार को अच्छी भीड़ ने पूरे प्रयाग नगरी को गुलजार कर दिया।
