*नगर पालिका में इस बार मजबूत विपक्ष की भूमिका में है भाजपा, कांग्रेस को पहली बैठक में ही घेरने की है रणनीति !*

*नगर पालिका में इस बार मजबूत विपक्ष की भूमिका में है भाजपा, कांग्रेस को पहली बैठक में ही घेरने की है रणनीति !*
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*नेता प्रतिपक्ष बनने की कतार में हैं भाजपा के आधा दर्जन से ज्यादा पार्षद*
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*नगरपालिका बोर्ड के गठन को पखवाड़ा बीतने आया मगर नहीं आया कोई बदलाव, अब भी चल रहा है पुराना ढर्रा !*
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*✍🏼⭕तिलक माथुर*
*केकड़ी_राजस्थान*
केकड़ी नगरपालिका में कांग्रेस का बोर्ड बनने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात का इंतजार कर रही है कि नवगठित बोर्ड कब विधिवत रूप से अपना काम शुरू करे और शहर में रुके पड़े काम शुरू हों। लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि कांग्रेस बोर्ड किस बखूबी से शहर का विकास कराता है वहीं विपक्ष कितनी मजबूती से अपनी भूमिका निभाता है। बोर्ड गठन को पखवाड़ा होने आया लोग इस इंतजार में हैं कि कब बोर्ड अपना कामकाज शुरू करे ताकि रुके पड़े काम फिर शुरू हो सकें, शहर साफ सुथरा हो, सड़कें नालियां दुरुस्त हों। पिछले दो सालों से शहर के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। गली मोहल्लों व रिहायशी कॉलोनियों में व्याप्त गंदगी से लोगों का बुरा हाल है। उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस का बोर्ड बनने के तुरंत बाद साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर कुछ बदलाव नजर आएगा, लेकिन नये बोर्ड को गठित हुए करीब एक पखवाड़ा होने आया कोई विशेष गतिविधि नजर नहीं आई। एक लंबे अरसे बाद कांग्रेस का बोर्ड बना है लोग उम्मीदें लगाए बैठे हैं लेकिन कहीं कोई उत्साह ही नहीं, नगर पालिका में कोई चहल-पहल, हलचल ही नहीं। वही पुराना ढर्रा, पालिका में काम से आये व्यक्ति को काम के लिए कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। काम नहीं होने पर आखिर काम से आया व्यक्ति किसे शिकायत करे क्योंकि पालिका ईओ की यहां स्थाई नियुक्ति तो है नहीं। ईओ से शिकायत करनी हो तो सप्ताह, पन्द्रह दिन उनका इंतजार करना पड़ता है। लोगों की आम शिकायत है कि उन्हें काम के लिए कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में शहर के मतदाताओं ने अपना मन बदलकर कुछ बदलाव के लिए बोर्ड में बदलाव कर कांग्रेस को मौका दिया है। नई उम्मीद लेकर लोग कांग्रेस बोर्ड की ओर निहार रहे हैं। शहर में व्यवस्थित रूप से कामकाज शुरू हो, शहर साफ सुथरा नजर आने लगे। इस बार भाजपा विपक्ष की भूमिका में है मगर मजबूत विपक्ष के रूप में है। 40 में से 17 पार्षद भाजपा के पास हैं, इनमें से कुछ पार्षद तो दुबारा जीत कर आये हैं। नगर पालिका में भाजपा की मजबूत विपक्ष की भूमिका की वजह से नेता प्रतिपक्ष की चर्चा भी चल पड़ी है। नेता प्रतिपक्ष कौन बनेगा इसे लेकर भी लोग अटकलें लगाने लगे हैं। आधा दर्जन से भी ज्यादा पार्षद नेता प्रतिपक्ष पद के दावेदार बताए जा रहे हैं जिनमें मिश्रीलाल डसाणिया, सुरेश जाट, राजेन्द्र चौधरी, सुखलाल जाट, लोकेश साहू, नन्दकिशोर जेतवाल व मनोज जाखड़ के नामों की चर्चा है। भाजपा भी शायद किसी मजबूत पार्षद को नेता प्रतिपक्ष बनाने की कवायद में जुटी है जो मजबूती से विपक्ष को चला सके और बोर्ड की मनमानी का विरोध कर सके। भाजपा सूत्रों के मुताबिक बोर्ड की पहली बैठक से पहले ही नेता प्रतिपक्ष चुन लिया जाएगा। भाजपा की रणनीति बोर्ड की पहली बैठक में ही कांग्रेस को घेरने की है। भाजपा की शहर में व्याप्त गंदगी, चल रहे निर्माण कार्यों, अतिक्रमण व अन्य मुद्दों पर कांग्रेस को घेरने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि पालिका बोर्ड की पहली बैठक बजट की होगी जिसमें सालाना बजट पेश होगा। पहली बैठक में अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा की जा सकती है। फिलहाल सभी को बोर्ड की पहली बैठक व बोर्ड की गतिविधियों के शुरू होने का इंतजार है !