देवभोग के भाजपा नेता नेता ने कूटरचना कर वेशकीमती राजस्व की घांस भूमि का कब्जा कर बनवा लिया पट्टा,खड़ा कर दिया दो मंजिला भवन।

देवभोग के भाजपा नेता नेता ने कूटरचना कर वेशकीमती राजस्व की घांस भूमि का कब्जा कर बनवा लिया पट्टा,खड़ा कर दिया दो मंजिला भवन।

आम रस्ता के लिये आरक्षित थी जमीन जिस पर अब भाजपा नेता का कब्जा।
सवांददाता यामिनी चन्द्राकर ,

13 जनवरी 2021
गरियाबंद:-भाजपा शासन काल मे हर क्षेत्र में माफिया को पनपने का मौका इसलिए मिला कि पिछले 15 सालों में इस पर किसी ने इन पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं की, या यूँ कहिए कि सब कुछ जानकर भी अनदेखी की गई।नौकरशाही का संस्कार ही है कि वो सत्ता की मंशा को समझकर अपनी लाइन तय करता है। वैसे तो हर अधिकारी का अपना नजरिया होता है और कहीं न कहीं वो दिखता भी है। कोई चरित्र से कमजोर होता है, कोई सिक्कों की खनक से प्रभावित होता है, जब तक सरकार की तरफ से इशारा नहीं होता, ये अधिकारी अपनी कमजोरियों को अपने कर्त्तव्य से आगे रखकर काम करते हैं।लेकिन, जब उन्हें लगता है कि सरकार का मुखिया उन्हें समझकर अपने नजरिए से चलाना चाहता है, तो उनका बदला रूप दिखाई देने लगता है। फिलहाल जो कार्रवाई चल रही है, उसे इसी नजर से देखा जाए तो स्पष्ट होता है कि जिस नौकरशाही की आँखों पर पट्टी चढ़ी थी और उन्हें माफिया दिखाई नहीं दे रहा था, अब वही अधिकारी ढूंढ ढूंढकर खामियां खोज रहे हैं। ऐसे में सरकार को उन अधिकारियों को भी निशाने पर लेना चाहिए जिनके रहते या जिनकी शह पर प्रदेश में भूमाफिया माफिया को पनपने का मौका मिला। देखा जाए तो प्रदेश में आज भी वही नौकरशाही है, जो पिछली भाजपा सरकार के समय थी।जिसका जीता जागता उदाहरण मैनपुर में देखने को जंहा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के सम्मान में भूमाफिया महेंद्र साहू उपस्थित रहा लेकिन जिला कलेक्टर श्री क्षीरसागर के तेवर देखकर उनका लक्ष्य भी बदल गया जो अधिकारी इन माफियाओं की महफ़िल में बैठकर झूमते थे, वही आज उनके अवैध धंधों के खिलाफ डंडा लेकर खड़े हैं।बता दे कि गरियाबंद जिला के एवं छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे देवभोग विकास खण्ड मुख्यालय में एक भाजपा नेता का मामला सामने आया है जंहा भाजपा नेता द्वारा राजनीतिक लाभ उठाकर राजस्व की घांस भूमि गांधी चौक से माझी पारा रोड पर पूर्व में घास मद की भूमि नया खसरा नंबर 283 एवं पुराना खसरा नंबर 27/1 जो कि आम रास्ता के लिये आरक्षित है।जिसे नेहा सिंधल जनपद अध्यक्ष देवभोग के ससुर द्वारा अबैध कब्जा कर दो मंजिला भवन निर्माण व व्यवासायिक परिसर बनाया गया है जिसमें जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल एवं उनके पूरे परिवार सहित निवासरत हैं ज्ञात हो कि यह अवैध निर्माण मुख्यालय का हृदय स्थान पर है एवं साप्ताहिक हाट-बाजार के कारण कई वर्षों से यातायात सुविधा प्रभावित हो रही है। भूमि घास मद की है जो आम रास्ता के लिये आरक्षित है, परन्तु मेन रोड से लगे हुये इस भूमि पर अवैध निर्माण किया गया है पुराना खसरा नंबर-27/1 में यह भूमि स्पष्ट रूप से शासकीय भूमि है,जिसकी बाजार का मूल्य आंका जाय तो करोड़ो रूपये की वेशकीमती जमीन हैं जिसे राजनीतिक पहुंच के चलते कब्जाधारियों द्वारा कुट रचना कर दस्तावेजों से छेड़छाड़ करते हुये बर्तमान में अपने नाम पर करवा लिया गया है, मेन रोड से लगे इस अवैध निर्मित भवन के बगल से खाली जमीन पर वर्तमान में रवि सिंघल (गुड्डा अग्रवाल) के द्वारा व्यासायिक परिसर निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य कि स्थिति छत ढलाई तक पहुंच चुकी है,जिसे जांच के लिए देवेंद्र सिंह राजपूत (लोकसभा प्रत्याशी) ने गरियाबंद जिलाधीश श्री क्षीरसागर से तत्काल जनहित में रोक लगवाने की जांच आवेदन देकर जांच कर कार्यवाही की मांग की हैं। श्री ठाकुर ने यहां भी मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में कुट रचना करने वाले समस्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करवाते हुये तहसील न्यायालय देवभोग में अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध शासन द्वारा प्रकरण दर्ज करवाते हुये घास मद एवं आम रास्ता हेतु आरक्षित उक्त जमीन को अवैध अतिक्रमण से पता करवाने की कार्यवाही करने हेतु सारे सबूत के आवेदन प्रस्तुत किया हैं।अब देखना ये हैं कि मैनपुर के भाजपा नेता दिलीप साहू के परिवार के ऊपर वर्तमान में हुई कार्यवाही की तरह देवभोग के भाजपा नेता के ऊपर केकार्यवाही होती हैं या नही?