केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर प्रत्येक परिवार के पास पानी का कनेक्शन, शौचालय, विद्युत आपूर्ति के साथ पक्का आवास देने की योजना बनाई है…

कुरूद. इस योजना में कुरुद नगर में बट्टा लगता दिख रहा है, हजारो लोगों द्वारा इस योजना के लिए आवेदन किया गया है,जिन लोगो के पास जमीन का पट्टा उपलब्ध नही हैं उन्होंने नगर पंचायत में आवेदन कर जमीन के पट्टे की मांग की हैं, एवं जिन लोगो का पुराना आबादी पट्टा हैं उनके नवीनीकरण का कार्य होना भी शेष हैं।कुरुद नगर पंचायत के अधिकारी विशेष रुचि नही ले रहे है, न ही सत्तासीन जनप्रतिनिधि इस विषय पर गम्भीर दिख रहे हैं कुल मिलाकर अपने आशियाने के लिए जनता को सिर्फ इंतजार करना पड़ेगा,कब शाषन प्रशासन गम्भीर होगा।

एक कारण यह भी है

राज्यों द्वारा अपने हिस्से की राशि न देने और केंद्र द्वारा दी गई राशि निर्माण के लिए संबंधित विभाग को नहीं दिए जाने का मामला भी केंद्र के संज्ञान में आया है। फिलहाल केंद्र सरकार योजनाओं की समीक्षा में जुटी है। योजनाओं को धीरे-धीरे गति देने का प्रयास हो रहा है।

सूत्रों ने कहा कि छतीसगढ़, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों ने राज्य के हिस्से का अंशदान योजना के लिए नहीं किया है। कुछ राज्यों ने राज्य के कोष से केंद्र द्वारा दी गई राशि अभी तक आवास के लिए जारी नहीं की है। इससे राज्यों में योजना पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। राज्यों से अपने हिस्से की राशि देने को कहा गया है।

2022 तक घर देने का लक्ष्य: वर्ष 2022 तक 2 करोड़ 95 लाख आवास बनाने का लक्ष्य है। इनमें से दो करोड़ 21 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। अभी तक एक करोड़ चार लाख आवास बने हैं। इस साल 79 लाख आवास स्वीकृति का लक्ष्य था। सूत्रों ने कहा कि लक्ष्य को कम नहीं किया जाएगा।पूरी ताकत से लक्ष्य पूरा करने का प्रयास भी होगा लेकिन इसे समय से पूरा करना चुनौतीपूर्ण जरूर है। इसके लिए विशेष प्रयास करने होंगे। केंद्र और राज्य को मिलकर रणनीति बनानी होगी। आवास योजना मोदी सरकार के खास योजनाओं में एक है। पहले कार्यकाल के दौरान इस पर काफी फोकस किया गया था। कई गैर भाजपा शासित राज्यों ने भी बड़ी संख्या में आवास बनाए थे।

दिलीप जादवानी की रिपोर्ट कुरूद