बिहान, वीबी-जी राम जी और विभिन्न दस्तावेजों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पीड़न और जिले के समग्र विकास की झलक दिखाई दी।
धमतरी – छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर धमतरी में आयोजित जिला सांस्कृतिक राज्योत्सव-2026 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आकर्षक एवं सूचनापरक प्रदर्शनी आयोजित की गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, ग्रामीण विकास के पहल, महिला सशक्तिकरण, समूह और सामूहिक लाभ के प्रयासों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है।
प्रदर्शनी में विशेष रूप से राष्ट्रीय ग्रामीण कृषि मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूह की योजनाएं और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम शुरू किया गया है। आलोचकों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी, सम्मान और ग्रामीण शिक्षा को मान्यता देने का संदेश दिया गया है। साथ ही मछलीपालन, झींगा पालन और आईसीएमसी (इंडियन मेजर कार्प) मछलीपालन पशुपालन के तहत मछलीपालन पशुपालन का भी चित्रण किया गया है। जल निधि परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालकों के लिए एक प्रभावशाली विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
प्रदर्शनी में वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, शेयरों के अवसरों के विस्तार और जिले में स्थिर स्थिरताओं के निर्माण की जानकारी भी दी गई है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विकास और संभावनाओं को मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा प्रकृति एवं पक्षी संरक्षण के प्रति जनभागीदारी का संदेश देने वाली प्रदर्शनी का भी विशेष आकर्षण है। ‘हमर मंदरोड पक्षी संरक्षण बैंक’ के माध्यम से पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया है। प्रकृति एवं पक्षी प्रेमी मोहन साहू की इस सबसे पहले अपने आसपास के लोगों से पक्षियों के लिए दाना और पानी रखने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन की ‘प्रोजेक्ट बेलगाम’ पहल में ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। परिभाषा की जानकारी दस्तावेज़, मॉडल और आकर्षक प्रदर्शन सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को शासन के उद्देश्य, लाभ और उनके शिष्य की जानकारी सहज रूप से मिल रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रदर्शनी में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, स्थानीय शिक्षा का बेहतर उपयोग और जनभागीदारी से लेकर शासन के संकल्प को दर्शाया गया है। राज्योत्सव में पहुंच रहे सार्वजनिक और ग्रामीण लोगों के लिए यह प्रदर्शनी विवरण देखने और उनकी वस्तुओं से जुड़ने का उपयोगी माध्यम बन रही है।
