आईटीआई मेघा और सद्भाव रिन्यूएबल्स लिमिटेड के बीच कौशल प्रशिक्षण के लिए एमओयू

इलेक्ट्रिशियन एवं सोलर टेक्नीशियन ट्रेड के 60 प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा 150-150 घंटे का औद्योगिक प्रशिक्षण

व्यावहारिक कौशल, तकनीकी दक्षता और उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में पहल

धमतरी – जिले के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी रूप से दक्ष बनाने तथा उनके लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) मेघा, जिला धमतरी और सद्भाव रिन्यूएबल्स लिमिटेड, रायपुर के मध्य कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया है। एमओयू कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जयंत नाहटा उपस्थित में हुआ । आईटीआई, मेघा की प्राचार्य सुश्री भूमिका साहू और सद्भाव रिन्यूएबल्स लिमिटेड से  ललित नाहटा थे ।

इस एमओयू के तहत आईटीआई मेघा के इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के 20 तथा सोलर टेक्नीशियन ट्रेड के 40 प्रशिक्षणार्थियों सहित कुल 60 युवाओं को निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप 150-150 घंटे का औद्योगिक प्रशिक्षण (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) प्रदान किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को कक्षा में अर्जित सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक कार्यस्थल पर उपयोग करने, आधुनिक तकनीकों को समझने तथा उद्योगों की कार्यप्रणाली से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने कहा कि युवाओं को केवल शैक्षणिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक कौशल और उद्योगों में काम करने का अनुभव उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उद्योगों के साथ प्रशिक्षण संस्थानों का समन्वय युवाओं को रोजगार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से प्रशिक्षणार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, उनकी तकनीकी दक्षता विकसित होगी और रोजगार के लिए उनकी तैयारी अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप अपने कौशल को निरंतर उन्नत करने तथा उपलब्ध प्रशिक्षण अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  जयंत नाहटा ने कहा कि युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण देना आवश्यक है। आईटीआई मेघा और सद्भाव रिन्यूएबल्स लिमिटेड के बीच हुआ यह एमओयू प्रशिक्षणार्थियों को कार्यक्षेत्र का अनुभव प्रदान करने तथा उनकी तकनीकी दक्षताओं को निखारने में उपयोगी साबित होगा। इससे युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के साथ ही भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर भी मिल सकेंगे।

वर्तमान समय में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी दक्षता की आवश्यकता बढ़ रही है। ऐसे में सोलर टेक्नीशियन और इलेक्ट्रिशियन ट्रेड के प्रशिक्षणार्थियों के लिए यह औद्योगिक प्रशिक्षण विशेष उपयोगी होगा। इसके माध्यम से वे विद्युत प्रणालियों, सौर ऊर्जा से संबंधित तकनीकी कार्यों तथा औद्योगिक कार्यप्रणाली की व्यावहारिक समझ विकसित कर सकेंगे। यह अनुभव उन्हें विभिन्न प्रतिष्ठानों में रोजगार के अवसर तलाशने के साथ-साथ अपनी दक्षता के आधार पर स्वरोजगार की संभावनाएं विकसित करने में भी मदद करेगा।यह पहल जिले में कौशल विकास को उद्योगों की जरूरतों से जोड़ने, युवाओं को कार्य के लिए तैयार करने तथा स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशिक्षण संस्थान और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और वे बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी क्षमता विकसित कर सकेंगे।