कांकेर – मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कांकेर जिले में ग्रामीण परिवहन सुविधा के विस्तार की दिशा में आज दो नई बस योजना पर सेवा शुरू हुई। परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बारात को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भानुप्रतापपुर-कोरर और भानुप्रतापपुर-अंतागढ़ मार्ग पर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा के लिए बस सेवा शुरू हो रही है। इसे बंद करने के लिए तहसील, जिला और अन्य प्रमुख व्यापारियों तक के लिए ईस्ट और शिक्षा, स्वास्थ्य, हाट-बाजार और आश्रम के लिए प्रशिक्षु सुविधाएं दी जाएंगी।
जिले में दो नए राष्ट्रीय स्तर पर बस सेवा पहले से शुरू हो रही है 10 स्कूलों के माध्यम से भी ग्रामीण क्षेत्र को परिवहन सुविधा मिल रही है। इनमें चारामा-अमाबेड़ा, कोरर-डौंडी, कांकेर-अंतागढ़, कोयलीबेड़ा-अल्परस, कोरर-भानुप्रतापपुर, कोरर-कांकेर, दुधावा-धमतरी, गुरदाटोला-भानुप्रतापपुर, कोरर-कांकेर के दूसरे मार्ग और भानुप्रतापपुर-कोडापाखा मार्ग शामिल हैं। इन प्रमुख मोटरसाइकिलों के संचालन से लेकर विभिन्न जिलों के लोगों को मुख्य यात्राओं और दस्तावेजों तक पहुंच में सुविधा मिल रही है।
चारामा-अमाबेड़ा मार्ग पर सुकलापा, बेलाडी, खड़कागांव, धनतुलसी, साल्हेवारा, कुरुस्तिकुर, कोडगांव, पोतागांव, बागडोंगरी, जंभार, लिलेझर, बरकघर और चावड़ी जैसे गांव जुड़े हुए हैं। कोरर-डौंडी मार्ग पर भर्रीटोला, परसोदा, बेनोदा, मंगलतराई, चिहरो, आमादुला, पुरी, भोथा, किशनपुरी और सेलेगांव तक बस की सुविधा उपलब्ध है। कांकेर-अंतागढ़ मार्ग पर मार्मापोटी, मलांजकुदुम, गुमझीर, हेमली, निलझर और बड़ेजोरी सहित पूरे प्रदेश को परिवहन सुविधा मिलती है, जबकि कोयलीबेड़ा-आलपरस मार्ग कोयलीबेड़ा, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर और कोरर को जोड़ती है।
इसी तरह कोर-भानुप्रतापपुर मार्ग पर किसानपुरी, सेलेगांव, मीन अपॉइंटमेंट, नरसिंगपुर, साल्हे और कछवे तक बस सेवा संचालित है। कोरर-कांकेर मार्ग पर हाटकर्रा, तारांडुल, आमाबेड़ा, हेमली, मलांजकुदुम, मर्दोपोटी और मनके साड़ी के स्मारकों को सुविधा मिल रही है। दुधावा-धमतरी मार्ग पर दुधावा, सरोना, धनेसरा, नरहरपुर, उमरादाह, तारसागांव, लखनपुरी, चारामा और पुरूर तक बस सेवा उपलब्ध है। गुरदाटोला-भानुप्रतापपुर मार्ग पर कराकी, जाड़ेखुर्से, परभेली, सोनादाही, लोहतर, दमकसा, गादुलमुड़ा, सेनीकालागांव, हाटकोंडल और बोगर जैसे गांव जुड़े हुए हैं। कोरर-कांकेर के अन्य मार्ग पर कांकेर, सरोना, दुधावा, बेलर, नगरी और दरिपार सहित क्षेत्रों को जोड़ने वाली सेवा का उल्लेख है। वहीं, भानुप्रतापपुर-कोडापाखा मार्ग पर साल्हे, रॉ, हाटकुंडल, कलगांव, सियोनी, गोदुलमुंडा, दमकसा, बरहेली, चेमल, हनपटरी और मेदो तक बस की सुविधा उपलब्ध है।
*नए बस मार्ग*
अब भानुप्रतापपुर से कोरर तक 68 किमी लंबी नई बस मार्ग पर हाटकोंडल, बोगर, संबलपुर, घोड़ाबत्तर, मंगलपार, केंवटटी, जनकपुर, सेंडेड, तेलिमा, बरबसपुर और हेटारकसा तक बस सेवा शुरू हो गई है। इसी प्रकार भानुप्रतापपुर से अंतागढ़ तक 68 किमी लंबा दूसरा मार्ग संबलपुर, चवेला, बांसला, दुर्दुकोंदल, दियागांव, माडले, पीपली, अमोड़ी, पंडरीपानी, केगांव, हल्बा, सिक्सोड, मांडागांव, भैंसासूर और टेमरूपानी होते हुए अंतागढ़ तक जाएंगे। इन दोनों में से किसी एक के लिए भोजन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
*एक वर्ष में 850 से अधिक तक बस सेवा*
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का शुभारंभ 4 अक्टूबर 2025 को जगदलपुर में केंद्रीय गृह एवं परिवहन मंत्री श्री अमित शाह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप की उपस्थिति हुई। योजना का उद्देश्य बस सुविधा से लेकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन को शामिल करना और वहां के नागरिकों तक आवश्यक सेवाओं की पहुंच बनाना है।
योजना के एक वर्ष में वन्यजीवों और सरगुजा सरदारों के 13 स्मारकों के 106 शिलालेखों पर 107 रथों का संचालन शुरू हुआ। इसके माध्यम से 850 से अधिक गांव पहली बार नियमित बस सेवा से जुड़े हैं। योजना के तहत संचालित मोटरसाइकिल ने एक साल में 24 लाख किमी से अधिक दूरी तय की है। इससे पहले हाट-बाज़ार, अस्पताल, स्कूल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुँचने में सुविधा मिल रही है।
दुर्गम क्षेत्र में बस संचालन के लिए बस ऑपरेटर को पहले तीन वर्षों तक प्रति किमी वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव है। इसके तहत प्रथम वर्ष 26 रुपये, द्वितीय वर्ष 24 रुपये और तृतीय वर्ष 22 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित है। साथ ही मोटरयान कर में पूर्ण छूट का प्रस्ताव भी दिया गया है। योजना की निगरानी प्रमुख जीबीवाई पोर्टल और कंप्यूटर आधारित वीएलटीडी सिस्टम से की जा रही है, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए समय-सारणी बस संगवारी ऐप उपलब्ध है।
ग्रामीण विशिष्टता के विस्तार से मिल रहा लाभ: केदार कश्यप
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष केंद्रीय गृह एवं राज्य मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मुरिया दरबार कार्यक्रम के तहत बस सेवा के तहत कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। एक साल के दौरान इस पहले ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों की सुविधा का विस्तार हुआ और 850 से अधिक ग्रामीण नियमित बस सेवा से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पहले कई रेगिस्तानी रेगिस्तान तक वाहन सीमा तक नहीं पहुंच पाते थे, जिससे रिलीफ को ब्लॉक मुख्यालय और अन्य आवश्यक स्थानों तक जाने में परेशानी होती थी। अब बस सेवाओं के विस्तार से ऐसे क्षेत्रों में भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा पहुंच रही है। इससे पहले शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और श्रमिकों के लिए कोचिंग में सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवहन सुविधा का विस्तार केवल पिज्जा के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र को विकास के अवसरों से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
*अंतिम व्यक्ति तक पहुंचायाना शासन की मूल भावना : आशाराम नेताम*
इस पर कांकेर नेता आशाराम नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश के अंतिम हिस्से को मौका दिया जाए और वहां रहने वाले हर व्यक्ति को विकास की नींव से जोड़ा जाए। इसी भावना के रसायन शास्त्र प्रमुख विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की मंजूरी का लाभ अंतिम व्यक्ति तक की सहमति और क्षेत्र में सुविधाओं का विस्तार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ओलंपिक्स जैसे आयोजनों में बच्चों और युवाओं का उत्साह भाग ले रहे हैं। इसका तात्पर्य यह है कि अवसर मिलने पर रेगिस्तानी इलाकों की प्रतिभाएँ भी सामने आ रही हैं। वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में वनांचल के लोगों के आवास और भवनों को लेकर भी निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। कार्यक्रम को महेश जैन ने भी दिखाया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, राजा पांडे, दिलीप वॉलपेपर, राजा देवनानी, हीरा मरकाम, हलधर भंडारी, कमिश्नरी चौहान, दिनेश रजक, अशोक वालेचा, अजय मोटवानी, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी, विद्यापीठ श्रीमती सरस्वती बंजारे, परिवहन अधिकारी प्रकाश रावटे सहित निगम, पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी और ग्रामीण पंचायतें शामिल थीं।
नई बस पंजीकरण पर सेवा कांकेर जिले के ग्रामीण इलाकों से शुरू होने वाली है और इसमें छूट और मजबूती होगी। नियमित परिवहन सुविधा से इंटरफ़ेस का सममित कनेक्टिविटी और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक असमानता को नई गति दी जाएगी।
