जिले के 666 गांवों में संचालित है जल जीवन मिशन, 321 गांवों में हर घर जल प्रमाणीकरण पूर्ण
शेष गांवों में कार्यों में तेजी लाने, आईईसी गतिविधियां बढ़ाने और फील्ड में नियमित निगरानी के कलेक्टर ने दिए निर्देश
गरियाबंद – कलेक्टर रणबीर शर्मा ने गुरुवार को जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में संचालित कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने शेष निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने, योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनजागरूकता संबंधी सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर, सभी एसडीएम, कार्यपालन अभियंता पीएचई विप्लव धृतलहरे सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
666 गांवों में संचालित है जल जीवन मिशन
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने जानकारी दी कि जिले के कुल 666 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत कार्य संचालित हैं। इनमें से 321 गांवों में हर घर जल प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी कर योजनाएं संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं। शेष गांवों में कार्य तेजी से जारी हैं और कई कार्य पूर्णता की ओर हैं। कलेक्टर श्री शर्मा ने शेष गांवों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
कलेक्टर ने निर्माणाधीन नल-जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और ठेकेदारों को सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को नियमित और सुचारु रूप से मिलना चाहिए। निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने विभागीय अभियंताओं को लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति का निरीक्षण करने तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उनका समय पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर रहे ठेकेदारों को किए गए भुगतान तथा लंबित भुगतान की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भुगतान से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि कार्यों की प्रगति प्रभावित न हो और निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जा सकें।
आईईसी गतिविधियों के माध्यम से बढ़ाएं जनजागरूकता
कलेक्टर श्री शर्मा ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को नल-जल योजनाओं के उपयोग, स्वच्छ पेयजल के महत्व और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए गांवों में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाई जाएं और ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के पूर्ण होने के बाद उनका संचालन एवं रखरखाव भी प्रभावी ढंग से हो, ताकि ग्रामीण परिवारों को लंबे समय तक नियमित पेयजल सुविधा मिलती रहे।
फील्ड में नियमित निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने विभागीय इंजीनियरों को नियमित रूप से फील्ड में रहकर कार्यों की निगरानी करने तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित कार्यों की ग्रामवार समीक्षा कर बाधाओं को दूर किया जाए और पूर्णता की ओर बढ़ रहे कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही पूर्ण हो चुकी योजनाओं का हर घर जल प्रमाणीकरण और ग्राम पंचायतों को हस्तांतरण की प्रक्रिया भी नियमानुसार पूरी की जाए। कलेक्टर ने दोहराया कि जल जीवन मिशन शासन की महत्वपूर्ण योजना है। इसके क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समय-सीमा और जवाबदेही सर्वाेपरि हैं। सभी संबंधित अधिकारी इन प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए जिले के ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
