अष्टमी पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ी और फिल्मी गीतों पर थिरके प्रतिभागी; नगर पालिका की पूरी टीम हुई शामिल
गरियाबंद – गांधी मैदान में श्री सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति के पांच दिवसीय रास गरबा उत्सव के चौथे दिन अष्टमी पर गरबा की धूम रही। मां दुर्गा की आराधना के साथ पारंपरिक गरबा नृत्य ने आयोजन में उत्साह और उमंग भर दी। महिलाएं और युवतियां रंग-बिरंगी वेशभूषा में सज-धजकर पहुंचीं। कोई पारंपरिक परिधान में नजर आया तो किसी ने फिल्मी अंदाज में अपनी प्रस्तुति दी। अलग-अलग रंगों और आकर्षक वेशभूषा के बीच प्रतिभागियों ने गरबा के विभिन्न चरणों में सामूहिक नृत्य किया। छत्तीसगढ़ी और फिल्मी गीतों की धुन पर देर तक थिरकते रहे प्रतिभागियों ने पूरे परिसर को उत्सवी रंग में रंग दिया।
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह
अष्टमी के अवसर पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने आकर्षक परिधानों के साथ अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। कोई काली माता बनकर आए तो कोई भारत माता और दुर्गा माता के रूप में सजे थे। कोई भूत, कोई महिषासुर तो कोई पुराने जमाने की अभिनेत्री के रूप में तैयार होके पहुंचे थे। गरबा के दौरान पारंपरिक वेशभूषा, रंगों का तालमेल और नृत्य की लय विशेष आकर्षण रहे। मां दुर्गा की भक्ति के साथ संगीत और नृत्य का संगम देखने बड़ी संख्या में नगरवासी गांधी मैदान पहुंचे। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ गरबा किया और छत्तीसगढ़ी गीतों पर भी जमकर नृत्य किया। कार्यक्रम के अंत में फैंसी ड्रेस वालों को पुरस्कृत भी किया गया।
नगर पालिका की पूरी टीम हुई शामिल
पांच दिवसीय गरबा उत्सव के चौथे दिन नगर पालिका की पूरी टीम कार्यक्रम में शामिल हुई। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष रिखी यादव, नगर पंचायत उपाध्यक्ष आसिफ मेमन, भाजपा मंडल अध्यक्ष सुमित पारख, सभापति सुरेन्द्र सोनटेके, रेणुका साहू, पुष्पा साहू, मधु देवांगन, सूरज सिन्हा, पार्षद बिंदु सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पालिका अध्यक्ष रिखीराम यादव ने आयोजन की सराहना करते हुए मां दुर्गा से सभी के जीवन सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान समिति ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सभी को सम्मानित किया।
आयोजन में समिति के मनोज खरे, प्रकाश रोहरा, संदीप सरकार, संजीव साहू, नारायण सारथी, तरुण यदु, सागर मयाणी, ऐश्वर्या यदु, उत्तम सोनी, रितेश ताण्डी, गैदलाल सिन्हा, मुकेश पांडे, रमन कुकरेजा, भावेश सिन्हा और जालेश सेन सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। समिति की ओर से आयोजित इस उत्सव में धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय संस्कृति और सामूहिक सहभागिता की झलक देखने को मिली।
