सेवा संकल्प अभियान के तहत मिनी स्टेडियम में बनी भव्य रंगोली, शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास का दिया संदेश
‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र बनी विशाल रंगोली, नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ते बीजापुर की झलक
बीजापुर – कभी नक्सल हिंसा और दुर्गम परिस्थितियों की चुनौतियों से जूझने वाला बीजापुर अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा है। इसी परिवर्तन की प्रेरणादायी तस्वीर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम में देखने को मिली। जिला मुख्यालय स्थित मिनी स्टेडियम में ‘नक्सल मुक्त बीजापुर एवं विकसित बीजापुर’ की थीम पर 76×76 फीट क्षेत्रफल में तैयार की गई विशाल एवं आकर्षक रंगोली ने जिले के बदलते स्वरूप को रंगों के माध्यम से जीवंत कर दिया। रंगोली में शांति, सुरक्षा, समृद्धि, जनविश्वास और विकास की अवधारणा को कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया। विशाल आकार, रंगों के मनमोहक संयोजन और संदेशपूर्ण कलाकृति ने आयोजन स्थल को विशेष आकर्षण प्रदान किया। कार्यक्रम में पहुंचे लोगों के लिए यह रंगोली आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही।
नक्सलवाद की चुनौतियों से विकास की नई पहचान तक का सफर रंगों में हुआ साकार- ‘नक्सल मुक्त बीजापुर एवं विकसित बीजापुर’ की थीम पर आधारित इस भव्य रंगोली के माध्यम से जिले में शांति की स्थापना, विकास कार्यों के विस्तार और जनजीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का संदेश दिया गया। रंगोली ने यह प्रदर्शित किया कि बीजापुर अब नक्सलवाद की पुरानी पहचान से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विकास की नई दिशा में अग्रसर है। रंगोली के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि शांति और सुरक्षा का वातावरण विकास की मजबूत आधारशिला है। शासन-प्रशासन के प्रयासों, सुरक्षा बलों के योगदान और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से बीजापुर में बदलाव की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं।
76×76 फीट की रंगोली बनी नए बीजापुर की आकांक्षाओं का प्रतीक- मिनी स्टेडियम में तैयार विशाल रंगोली केवल कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं, बल्कि बीजापुर के उज्ज्वल भविष्य, सामूहिक संकल्प और विकास की आकांक्षाओं की प्रभावशाली अभिव्यक्ति बनकर सामने आई। रंगोली में समाहित संदेश ने शांति, एकता, सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना को रेखांकित किया। विशाल रंगोली की आकर्षक बनावट एवं कलात्मक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि बीजापुर की पहचान अब केवल उसकी पुरानी चुनौतियों से नहीं, बल्कि विकास की उपलब्धियों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और नई संभावनाओं से भी बन रही है।
सेवा संकल्प अभियान से जन-जन तक पहुंच रहा विकसित बीजापुर का संदेश- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम ने कला और रचनात्मकता को जनजागरूकता का सशक्त माध्यम बनाया। रंगोली के जरिए जिले में शांति, विकास, सामाजिक एकता और जनभागीदारी की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। ‘नक्सल मुक्त बीजापुर से विकसित बीजापुर’ की परिकल्पना पर आधारित यह विशाल रंगोली जिले के परिवर्तनशील स्वरूप और उज्ज्वल भविष्य के प्रति सामूहिक विश्वास का प्रतीक बनी। रंगों में शांति का संदेश, संकल्प में विकास का विश्वास-नक्सल मुक्त बीजापुर से विकसित बीजापुर की ओर बढ़ते कदम।
