किरंदुल नगर पालिका परिषद के इतिहास में जुड़ा एक और नया विवादित अध्याय
किरंदुल — नगर पालिका परिषद किरंदुल का आंगन उत्सव अब उत्सव से ज्यादा सियासी चर्चा का विषय बनता दिखाई दे रहा है। जिस वर्ग के सम्मान और उत्साहवर्धन के नाम पर आयोजन किया गया, सवाल यही है कि जब मंच पर उन्हीं के लिए जगह नहीं थी, तो फिर यह मंच आखिर किसके लिए था?आयोजन की मंच व्यवस्था को लेकर नगर में सवाल उठ रहे हैं। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी और मंच पर उनकी प्रमुख उपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को और हवा दे दी है। लोगों के बीच यह सवाल तैर रहा है कि नगर पालिका के सार्वजनिक आयोजन का मंच जनप्रतिनिधियों और संबंधित हितग्राहियों के सम्मान का मंच होना चाहिए या फिर राजनीतिक चेहरों के प्रदर्शन का ।नाम आंगन उत्सव, मंच पर सियासी रंग ।आंगन उत्सव का नाम सामने आते ही उम्मीद होती है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, महिलाओं और आयोजन से सीधे जुड़े लोगों को सम्मान और प्रमुखता मिलेगी। लेकिन मंच की तस्वीर को लेकर उठ रही चर्चाएं इस उम्मीद पर ही सवाल खड़े कर रही हैं।
जिसके नाम पर उत्सव, वही मंच से दूर — और राजनीतिक पदाधिकारी मंच पर मौजूद!
यही विरोधाभास अब किरंदुल में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।
नगर पालिका का मंच या राजनीतिक मंच?
सार्वजनिक धन और नगर पालिका की व्यवस्था से आयोजित कार्यक्रमों को लेकर आमतौर पर लोगों की अपेक्षा रहती है कि उनमें सभी वर्गों का समान प्रतिनिधित्व हो। ऐसे में यदि किसी आयोजन में राजनीतिक पदाधिकारियों की मौजूदगी प्रमुख दिखाई दे और कार्यक्रम से जुड़े वास्तविक हितग्राही मंच से बाहर नजर आएं, तो सियासी नज़र का सवाल उठाना तो स्वाभाविक है।
