पखांजूर – बडगांव में क्षेत्र की जनता ने धरना-प्रदर्शन एवं रैली के माध्यम से अपने ज्वलंत और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। जनता की प्रमुख मांगों में बडगांव में जिला सहकारी बैंक की स्थापना, 50 सीटर अस्पताल खोलने तथा क्षेत्र की बदहाल शिक्षा व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। ये मांगें किसी राजनीतिक दल विशेष के हित से जुड़ी नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों की बुनियादी जरूरतों और भविष्य से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक इकाई पखांजूर के अध्यक्ष एवं पूर्व जनपद सदस्य तथा वर्तमान जनपद सदस्य प्रतिनिधि सिया राम पुड़ो ने आरोप लगाया कि जनता द्वारा उठाए गए इन वास्तविक सवालों का समाधान करने के बजाय भाजपा की ओर से जनमुद्दों और आंदोलन को क्षेत्र के लोगों एवं जनप्रतिनिधियों के भाजपा में शामिल होने से जोड़कर पेश किया जा रहा है, जो पूरी तरह भ्रामक है।उन्होंने कहा कि जब बडगांव की जनता बैंक, अस्पताल और बेहतर शिक्षा की मांग कर रही है, तब राजनीतिक दल-बदल की खबरों के जरिए जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश क्यों की जा रही है? जनता को विकास चाहिए, राजनीतिक प्रलोभन नहीं। क्षेत्र की जनता अपने अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रही है और सरकार को उनके सवालों का जवाब ठोस विकास कार्यों के माध्यम से देना चाहिए।
सिया राम पुड़ो ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि *विष्णुदेव साय सरकार* और भाजपा द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों की स्वीकृति दिलाने का आश्वासन अथवा प्रलोभन देकर पार्टी में शामिल कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब क्षेत्र में विकास कार्य किसी राजनीतिक दल की सदस्यता पर निर्भर करेंगे? उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की आवश्यकता और क्षेत्र के हित के आधार पर स्वीकृत होने चाहिए, न कि राजनीतिक जोड़-तोड़ या दल-बदल के आधार पर।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बडगांव क्षेत्र के विकास के प्रति गंभीर है, तो राजनीतिक जोड़-तोड़ से ऊपर उठकर जिला सहकारी बैंक, 50 सीटर अस्पताल और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों पर तत्काल ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।सिया राम पुड़ो ने कहा कि जनता की आवाज को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। बडगांव की जनता अपने अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष करती रहेगी। जनहित के मुद्दों को राजनीतिक दल-बदल की राजनीति के पीछे छिपाया नहीं जा सकता। जनता को जवाब चाहिए, बहाने नहीं; विकास चाहिए, राजनीतिक प्रलोभन नहीं।अगर आप इसे अखबार में छपने वाली प्रेस विज्ञप्ति के रूप में देना चाहते हैं, तो यह संस्करण उपयुक्त रहेगा।
