कुर्मी समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की पहल, मेधावी प्रतिभागियों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
राजिम – कुर्मी समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश कुर्मी क्षत्रिय समाज युवा प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेशव्यापी छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतिभा खोज प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन किया गया। इसी क्रम में गरियाबंद जिले के प्रतिभागियों के लिए राजिम में परीक्षा केंद्र बनाया गया, जहां निर्धारित समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई।
परीक्षा में जिले के कुर्मी समाज के 54 प्रतिभावान युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करने के लिए समाज के जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों द्वारा आकर्षक पुरस्कार राशि की घोषणा की गई है।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 21 हजार रुपये कुर्मी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं दुर्ग सांसद विजय बघेल द्वारा घोषित किया गया है। द्वितीय पुरस्कार 17 हजार रुपये जिला सहकारी बैंक दुर्ग के अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह बेलचंदन, जबकि तृतीय पुरस्कार 15 हजार रुपये दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा चतुर्थ पुरस्कार 11 हजार रुपये और पंचम पुरस्कार 9 हजार रुपये समाज के पदाधिकारियों द्वारा दिए जाएंगे। वहीं अगले पांच मेधावी प्रतिभागियों को 3-3 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
नगरपालिका उपाध्यक्ष पूर्णिमा चंद्राकर ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
परीक्षा के सफल समापन के बाद आयोजित मार्गदर्शन सत्र में राजिम नगरपालिका उपाध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा चंद्राकर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने समाज और राष्ट्र निर्माण के साथ उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं को कड़ी मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं और उन्हें भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करती हैं।
इस अवसर पर डॉ. ओमप्रकाश वर्मा ने प्रतिभागियों को रक्तदान एवं समाजसेवा के लिए प्रेरित किया। कुर्मी समाज के जिलाध्यक्ष पुरंदर वर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज के युवाओं को प्रोत्साहन और सही मार्गदर्शन मिलेगा। इससे वे आने वाले समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणादायी साबित हो सकते हैं।
पदाधिकारियों ने निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
परीक्षा को व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने में समाज के पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परीक्षा प्रभारी के रूप में जिलाध्यक्ष पुरंदर वर्मा तथा केंद्राध्यक्ष के रूप में मनीष देव वर्मा ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
इस दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षक आशीष दिल्लीवार, पर्यवेक्षक डॉ. ओमप्रकाश वर्मा, सुनील वर्मा, शंकर वर्मा, दशरथ वर्मा, चंद्रशेखर वर्मा, देवेंद्र वर्मा, सोहनलाल वर्मा, विजयमणि वर्मा, गोपालराम वर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
