शिवसेना (उध्दव बालासाहेब ठाकरे) ने की कुलगाम जम्मू – कश्मीर में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की निर्मम हत्या के खिलाफ कड़ा विरोध

कांकेर – शिवसेना प्रदेश सचिव महेश वासुदेव दुबे ने बयान जारी कर कहां जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में छत्तीसगढ़ की पावन माटी के दो परिश्रमी और निर्दोष युवाओं की आतंकवादियों द्वारा की गई लक्षित हत्या देश की एकता और मानवता पर एक गहरा आघात है। इस कायराना और भीषण आतंकवादी हमले में शक्ति जिले के मलखरौदा ब्लाक अंतर्गत बुंदेली गांव के रहने वाले दीपक रात्रे (उम्र 24 वर्ष) तथा सारंगढ़ बिलाईगढ़़ जिले के निवासी भूपेंद्र भैना (उम्र 28 वर्ष) ने अपनी जान गंवाई है। रोजी-रोटी की तलाश में अपने परिवार से दूर गए इन बेकसूर मजदूरों पर हुआ यह हमला मानवता पर एक कलंक है। हमारे राज्य छत्तीसगढ़ के दो गरीब और मेहनतकश मजदूरों को आतंकवादियों ने बेरहमी से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। यहां कायराना हरकत न केवल कानून व्यवस्था को खुली चुनौती है, बल्कि उन गरीब परिवारों पर वज्रपात है जिनका एक मात्र सहारा छिन गया है शिवसेना इस घिनौने कृत्य की कड़े से कड़े शब्दों में कड़ा विरोध करता है। श्री दुबे ने आगे कहां कि अत्यंत व्यथित और आक्रोशित करने वाला तथ्य यहां है कि इन कायर आतंकवादियों ने पहले दोनों युवाओं को रोककर उनकी धार्मिक पहचान, नाम, जाति और हिंदू समाज से होने की पुष्टि की। इसके बाद उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी। पहचान और धर्म पूछ कर की गई यहां लक्षित हत्या दर्शाती है कि आतंकवादियों का मकसद केवल निर्दोषों का खून बहाना और समाज में नफरत फैलाना है। दीपक और भूपेंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वहां ईंट भट्ठे में मजदूरी कर रहे थे। वह अपने पीछे बूढ़ी मां, पत्नी और अबोध बच्चों को छोड़ गए हैं जिनका वह एकमात्र सहारा थें। यहां दुखद घड़ी में हमें डराने के बजाय आतंकवादी की इस घिनौने सोच के खिलाफ और अधिक एकजुट होने की प्रेरणा देती है। छत्तीसगढ़ का प्रत्येक नागरिक इस वज्रपात में पीड़ित परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ा है। हमारे इन बेटों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे केंद्र सरकार, जम्मू कश्मीर सरकार, और छत्तीसगढ़ सरकार से पुरजोर मांग करता है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल कायर आतंकियों को अभिलंब पाताल से भी खोज कर ढेर किया जाएं, दोनों पीड़ित परिवारों को कम से कम 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान की जाएं, दोनों परिवारों को जीवन-यापन के लिए एक-एक सदस्यों को योग्यता अनुसार शासकीय नौकरी दी जाएं, जम्मू कश्मीर में काम कर रहे छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के अन्य श्रमिकों की सुरक्षा के लिए कड़े और ठोस कदम उठाया जाएं, दूसरे राज्यों में काम कर रहे छत्तीसगढ़ के सभी श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएं, शिवसेना इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक हमारा विरोध जारी रहेगा।