स्कूल शिक्षा विभाग के तकनीकी ऐप में तकनीकी शिक्षा का होगा त्वरित समाधान, नहीं कटेगा किसी शिक्षक का वेतन: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

लगभग लाख शिक्षक नियमित रूप से ऑफ़लाइन उपस्थिति दर्ज कर खेल रहे हैं, शिक्षा मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी निभाई है

85 प्रतिशत शिक्षक प्रतिदिन ऑफ़लाइन ऑनलाइन एटेंडेंस

 कांकेर – स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा है कि शिक्षक एवं शैक्षणिक संस्थान द्वारा व्हीएसके ऐप में आ रही तकनीकी शिक्षा एवं एरर एसोसिएटेड एसोसिएशन को राज्य सरकार ने नामांकित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्हाट्सएप ऐप में आने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी शिक्षक को वेतन नहीं मिलेगा। संस्थान को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। श्री यादव ने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीमों को व्हाईस्के ऐप में सभी पहलुओं पर तत्काल ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 15 अगस्त तक ऐप में आ रही टेक्निकल कश्मीर का समाधान कर इसे पूरी तरह से सुचारु बनाया जाए, ताकि सिस्टम को बिना किसी परेशानी के अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा मिल सके। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 01 लाख 75 हजार शिक्षकों के साथ 85 प्रतिशत शिक्षक प्रतिदिन व्हाट्सएप ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इसमें बताया गया है कि प्रदेश के शिक्षक नई तकनीक को अपनाते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक विस्तार, उत्तरदेह एवं आधुनिक बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक केवल शिक्षण कार्य ही नहीं, बल्कि डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार उन्हें यह सहयोग, निर्देश और उपहार का सम्मान देती है। व्हाईस्क ऐप को और अधिक सरल, उपयोगी एवं प्रभावशाली बनाया गया है। श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार का सम्मान, सुविधा और हितों के प्रति पूरी तरह से अन्याय है। यदि किसी शिक्षक को तकनीकी विशेषताओं से ऑफ़लाइन उपस्थिति में प्रवेश मिलता है, तो उसके हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। किसी भी शिक्षक को टेक्निकल टीम का स्मारक नहीं चाहिए। उन्होंने सभी से अपील की है कि वे पूर्व की ओर से व्हाईस्के ऐप का उपयोग करें और यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या हो या सुझाव हो तो संबंधित अधिकारियों तक पहुंचें। सरकार प्रत्येक सकारात्मक परीक्षण के लिए आवश्यक सुधार की सलाह देती है, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावशाली एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम बने।