अब बदलती परिस्थितियों के अनुरूप होंगी नई चुनौतियां , यातायात कंट्रोल से लेकर नशा, चोरी , गौ तस्करी और अंतरराज्यीय अपराधों पर होगी नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक की अग्निपरीक्षा
बीजापुर – जिले के नए पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक, बीजापुर के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। इससे पूर्व श्री गुप्ता रायपुर मध्य जोन में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक कर जिले की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था एवं पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी ली।
उन्होंने बेहतर समन्वय और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
*नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक गुप्ता को नई चुनौतियों के बीच मिली जिम्मेदारी*
बीजापुर में लंबे समय तक नक्सलवाद सबसे बड़ी चुनौती रहा, लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों में आए बदलाव के साथ पुलिसिंग का स्वरूप भी बदल रहा है। ऐसे समय में नए पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने जिले की कमान संभाली है, जहां पारंपरिक नक्सल विरोधी अभियान के साथ-साथ नए प्रकार के अपराधों पर भी प्रभावी नियंत्रण रखना बड़ी जिम्मेदारी होगी।
*अंतरराज्यीय सीमाओं पर बढ़ी निगरानी की जरूरत*
बीजापुर का सड़क संपर्क अब तेलंगाना, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश से तेजी से बढ़ा है। आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि के साथ अंतरराज्यीय अपराधों की आशंका भी बढ़ी है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की निगरानी, जांच और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।
नशे और तस्करी पर लगाम बड़ी परीक्षा
जिले में गांजा, स्मैक तथा नशीली दवाओं की अवैध तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई नई पुलिस टीम की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकती है। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली मवेशियों की अवैध तस्करी पर रोक लगाना भी पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती रहेगी।
*बाहरी संदिग्ध तत्वों का सत्यापन जरूरी*
बदलते हालात में जिले में आने वाले बाहरी लोगों का सत्यापन, अन्य राज्यों से आपराधिक गतिविधियों में शामिल होकर आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान तथा किरायेदारों और अस्थायी निवासियों का नियमित सत्यापन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अहम माना जा रहा है। यदि किसी विदेशी नागरिक के अवैध रूप से रहने की सूचना मिलती है, तो उसकी वैधानिक जांच और पहचान भी पुलिस की जिम्मेदारी होगी।
*नक्सलवाद खत्म, लेकिन अब विचारधारा पर निगरानी जरूरी*
सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि केवल हथियारबंद गतिविधियों पर नियंत्रण ही पर्याप्त नहीं है। नक्सली विचारधारा के दोबारा फैलाव को रोकना, समर्पित पूर्व नक्सलियों का सफल पुनर्वास करना तथा उन्हें दोबारा हिंसक गतिविधियों की ओर जाने से रोकना भी पुलिस और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
*जनविश्वास और आधुनिक पुलिसिंग पर रहेगा फोकस*
बदलते बीजापुर में आमजन की सुरक्षा, साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की रोकथाम तथा जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को मजबूत करना भी नए पुलिस अधीक्षक के सामने प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
*लगातार हो रही गौ तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई भी होगी बड़ी चुनौती*
बीजापुर से होकर तेलंगाना और महाराष्ट्र की ओर जाने वाले मार्गों पर पिछले कुछ समय से गौ तस्करी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों का फायदा उठाकर तस्कर मवेशियों की अवैध ढुलाई करते हैं, जिस पर प्रभावी अंकुश लगाना नई पुलिस टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए सीमाओं पर नियमित जांच, रात्रिकालीन गश्त, खुफिया तंत्र को मजबूत करने तथा संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक होगा।
*बढ़ते यातायात और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण भी बड़ी जिम्मेदारी*
नक्सल प्रभावित क्षेत्र से विकास की ओर बढ़ रहे बीजापुर में अब सड़क नेटवर्क तेजी से विस्तारित हुआ है। तेलंगाना और महाराष्ट्र से बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होने के बाद भारी वाहनों, मालवाहक ट्रकों और यात्री वाहनों का आवागमन पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि देखने को मिली है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना, संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराना तथा सड़क सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना नए पुलिस अधीक्षक के सामने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी
