नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार एवं सीमांकन जैसे प्रकरणों को प्राथमिकता से करें निराकृत
राजस्व अधिकारियों एवं मैदानी अमलों को लंबित प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए
गरियाबंद – कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में राजस्व विभाग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों, भूमि प्रबंधन और डिजिटल सिस्टम अद्यतन पर व्यापक चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि शासन की सभी प्रमुख योजनाओं और राजस्व सेवाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, त्वरितता और गुणवत्ता सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी अनुविभाग एवं तहसीलवार लंबित राजस्व प्रकरणों का समय पर निराकरण करें।कलेक्टर ने राजस्व विभाग से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सम्पूर्ण राजस्व प्रकरणों, त्रुटि सुधार, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन और विवादित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति के सभी लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से समय-सीमा में निराकृत करने के निर्देश दिए। भू-अर्जन मामलों में कलेक्टर ने अनुविभागवार जानकारी लेते हुए कहा कि जहां भी विलंब हो रहा है, उसे समाधान करें। अतिक्रमण, बेदखली, अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनी निर्माण पर की जा रही कार्रवाई की भी विस्तृत जानकारी ली।लोक सेवा केंद्रों में लंबित आवेदनों की स्थिति, राजस्व वसूली प्रगति, स्वामित्व योजना, समय-सीमा पत्रों की समीक्षा, आधार प्रविष्टि, राजस्व अभिलेखों की त्रुटि सुधार, भू-नक्शा अद्यतन, जियोरेफरेंसिंग एवं असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण जैसे तकनीकी विषयों पर भी विभागवार प्रस्तुति ली गई। उन्होंने पटवारियों द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन की प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए इसे और शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन-समस्याओं के समाधान में देरी किसी भी परिस्थिति में नहीं होनी चाहिए। शिकायतों एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।बैठक में वन अधिकार पत्र के भुइया पोर्टल में अद्यतन की स्थिति, आवेदन एवं जांच प्रक्रिया, हाईकोर्ट एवं सिविल कोर्ट के लंबित प्रकरण, अवैध खनन पर कार्रवाई, अभिलेख कोष्ठ में दस्तावेज जमा की स्थिति, स्वेच्छानुदान एवं सड़क दुर्घटना मद में भुगतान की प्रगति और के निराकरण की जानकारी ली। कलेक्टर श्री उइके नें सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक फील्ड विज़िट करें, प्रत्येक प्रकरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे जनता से जुड़ा विभाग है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली में सुधार और सेवा की गुणवत्ता सही तरीके से होना आवश्यक है। इस दौरान बैठक में अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे, अपर कलेक्टर श्रीमती ऋषा ठाकुर सहित जिले के सभी राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
