धमतरी – पेट्रोलियम विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों के एग्रीस्टेक नामांकन की प्रगति, उद्यमियों के एपिसोड और उनके किसानों की समीक्षा में आज निचले सदन में अध्यक्ष अविनाश मिश्रा की राष्ट्रपति पद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीकरण को शासन की सर्वाचे दस्तावेजों में शामिल करते हुए कहा कि यह व्यवस्था किसानों को तकनीक के आधार पर, सुविधाजनक कृषि सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजीकरण कार्य में किसी भी प्रकार की वस्तुएं या उत्पाद शामिल नहीं किए जाएंगे और सभी संबंधित विभाग समय-सीमा के भीतर निर्धारित किए जाएंगे।कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान मूल्य के लिए सभी श्रेणी के किसानों का एग्रीस्टेक नामांकन अनिवार्य है। किसान धान में नामांकन के लिए आवेदन करना सस्ता नहीं है। उन्होंने कृषि, राजस्व, समुद्री, खाद्य विभाग और सामान्य आंशिक के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत, सहकारी समिति एवं उपार्जन उद्यमों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि प्रत्येक पात्र किसान समय पर अपना पंजीकरण करा सके। समीक्षा के दौरान 94 कैथोलिक एवं ट्रस्टों की पंजीकरण स्थिति की चर्चा की गई। जानकारी दी गई है कि अब तक केवल 23 प्रतिशत ने निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। इस पर पंजीकृत शेष 71 फ्लास्क से इलेक्ट्रानिक जानकारी प्राप्त करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण के निर्देश नीचे दिए गए हैं।बैठक में प्रभावित ग्राम, वनग्राम, डूबान क्षेत्र, भंडार भूमि, भंडारी भूखंडदार (कृषि), ग्राम नौकर, रेगहा एवं अधिया भूमि सहित शेष सभी खसरों का कृषि कार्य के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संयुक्त रूप से संबंधित ऑटोमोबाइल प्रकरणों के लिए किसानों का पंजीकरण विशेष रूप से बल दिया गया।कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीकरण केवल एक समाजवादी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि किसानों को विभिन्न कृषि प्रतिबंधों और सेवाओं से प्रभावी रूप से जोड़कर नियंत्रित किया जाता है। इसलिए सभी अधिकारी समन्वय प्रयास करें कि ग्राम स्तर तक नियमित समीक्षा करें और प्रतिदिन की प्रगति का आकलन सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर संबंधित अधिकारियों की रजिस्ट्री तय करने के लिए किसी भी स्तर पर पंजीकरण अभियान चलाया जाए।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विपणन विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य (डच) पर धान मूल्य के लिए सभी श्रेणी के किसानों के लिए एग्रीस्टैक (फार्मरप्लाई/एग्रीस्टैकएजे) का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। समय-सीमारू नवीन पंजीकरण और आवश्यक संशोधन 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 के बीच जारी रहेगा।पुराने किसानों के लिए पिछले स्थान वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को पुनः नया पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है, उनका पुराना पंजीकरण ही मान्य होगा।संशोधन प्रक्रिया यदि पुराने किसानों के रिकॉर्ड (जैसे-खसरा, बाबा, बैंक खाता, नामांतरण, फौती) में कोई बदलाव हुआ है, तो वे निर्धारित अवधि में संबंधित समिति या खाद्य, नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइट के माध्यम से आवश्यक सुधार करवा सकते हैंडिप्टी रजिस्ट्रार मनोज मरकाम, उप-कृषि अधिकारी दीपचंद भारती, खाद्य अधिकारी बसंत कोरम, जिला कृषि विभाग के सभी 100 उप-कृषि विभाग अधिकारी और जिले के सभी 100 उप-विभागीय अधिकारी कृषि विभाग के अधिकारी दीपचंद भारती, जिला कृषि विभाग के अधिकारी और जिले के सभी 100 उप-कृषि विभाग के अधिकारी।
