इंडोनेशिया के प्रतिभावान छात्रों को स्नातक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं पूर्णतः नि:मूल्यांकन शिक्षण वातावरण
धमतरी – अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने और जनजातीय छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के क्षेत्र में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में धमतरी जिले को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति एवं सीमांत जाति विकास विभाग द्वारा जिलों में एक नया एकल आदर्श माहीमी विद्यालय (ईएमआरएस) की स्थापना की पेशकश की गई है। इस नवीन संस्थान की शुरुआत जिले के दूरस्थ, वनांचल और दुर्गम क्षेत्र की प्रतिभावान जन-जातीय छात्रों से हुई – छात्रों को उत्कृष्ट, आधुनिक और पूर्णतः नि: स्वदेशी शिक्षा का लाभ मिल।उल्लेखनीय है कि जिले के नागरी विकासखंड के अंतर्गत पथरीडीह में संचालित एकलव्य आदर्श आध्यात्म विद्यालय में उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान, अनुशासित शिक्षण व्यवस्था, अघोषित शिक्षण व्यवस्था और खेल एवं सह-शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन के कारण प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ आदर्श आदर्शों में अपनी पहचान बनी है। इसी तरह के उत्कृष्ट प्रदर्शन और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को दृष्टिगत रूप से धारण किए गए शासन को जिलों में एकल द्वितीय आदर्श द्वारा अधिष्ठापन विद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है।नवीन विद्यालय के आरंभिक से जनजातीय छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक डिजिटल डिजिटल विज्ञान, एवं कंप्यूटर उपलब्ध उपकरण, समृद्ध पुस्तकालय, खेल प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास के विविध अवसर होंगे। छात्र छात्र-छात्रों को पूर्णतः प्राप्त: शेष छात्र-छात्राओं को भी समान अवसर प्राप्त होता है।विद्यालय में नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ एनईईटी, जेईई, सीएलएटी सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष शैक्षिक मार्गदर्शन, अनुभवी पाठ्यक्रम का सहयोग और कैरियर परामर्श की व्यवस्था भी की जाएगी। इन छात्रों को उच्च शिक्षा एवं प्रतिष्ठित छात्रों में प्रवेश के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही खेल, कला, संस्कृति, नेतृत्व क्षमता एवं जीवन कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दें, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।नवीन विद्यालय की स्थापना से स्थानीय स्तर पर अध्यायन, उपकरण संचालन, सुरक्षा, कोचिंग में अन्य सहायक सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे, जिससे क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक एवं विकास को भी गति मिलेगी।कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि “एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना केवल एक संस्थान है, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों के लिए नई उड़ान मंच का उपयोग किया जाता है।” “संविधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना होगा।”रजिस्ट्रार श्री मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हांकन एवं अन्य आवश्यक वास्तुशिल्प समय-पालन के रूप में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिले को मिली इस महत्वपूर्ण विचारधारा पर कट्टरपंथियों, कट्टरपंथियों, शिक्षाविदों और आदिवासियों पर आदिवासियों की छाप यह सबसे पहले निश्चित रूप से जनजातीय छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और जिले के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।
