ग्राम उलेरा में स्थापित हुआ बाल विवाह

कोंडागांव – जिले के अंतर्गत उलेरा थाना मांकड़ी जिला कोंडागांव में चल रहे बाल विवाह होने की सलाह पर जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं चाइल्ड लीन की संयुक्त दल द्वारा दिनांक 23/06/2026 को जिला कार्यक्रम सचिव श्रीमती रेनू लाइट के संस्थापक, श्रीमान सोनी जिला संरक्षण बाल सलाहकार के सलाहकार के रूप में बाल विवाह की स्थापना की गई।ग्राम पंचायत उलेरा विकासखंड माकड़ी में सचिवालय वर दुलेश (परिवर्तित नाम) पिता मगन (परिवर्तित नाम) उम्र 18 वर्ष 10 माह निवासी उलेरा का विवाह बालिग योगलता (परिवर्तित नाम) पिता श्री सुरेश (परिवर्तित नाम) उम्र 20 वर्ष 5 माह निवासी- फूफगांव फरसागांव जिला कोंडागांव (छ0ग0) के साथ जाना जाता था।सूचना बैठक में थाना माकड़ी, जिला बाल संरक्षण ईकाई के संयुक्त दल द्वारा विवाह स्थल प्रवेश वर-वधू के दस्तावेज संख्या सूची में पदयात्रा की शुरुआत की गई जिसमें वर का जन्मतिथि 25.07.2007 एवं वधु की जन्मतिथि 22.05.2005 अंकित है। भारतीय कानून एवं शासन के सम्राट बालक की आयु विवाह निर्धारित आयु से कम पाई गई। दोनों के सम्मिलित दल को डिविजन अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, दण्ड के प्रावधान, बाल विवाह के दुष्परिणाम से अदिवासी धर्म में विवाह न करने की समझाइश दी गई। परिवार द्वारा पूर्ण आयु होने पर विवाह के संबंध में सहमति दी गई। जांच दल द्वारा सरपंच पंचायत ग्राम, वार्ड पंच, पैनल, खंड, इकाई एवं प्रशासन के लिए सम्मिलित पंचनामा तैयार किया गया। दल द्वारा वर-वधू व दोनों पक्षों को समझाइश देकर बाल विवाह को छोड़ दिया गया।बाल विवाह निषेध मंदिर थाना मकड़ी से सहायक उप निरीक्षक  मंगतू राम मार्कम रक्षक 401 एवं 455 थाना मकड़ी, सौरभ तिवारी संरक्षण अधिकारी,  जयदीप नाथ संरक्षण अधिकारी, पोर्टफोलियो लाइन से अमीन अली एवं कैलाश वैद्य तथा ग्राम पंचायत सरपंच, पंचगण ग्रामीण प्रतिनिधि थे।