कांकेर – खेत बचाओ अभियान के तहत खेती में नई तकनीक एवं कृषि में मशीनरी को बढ़ावा दिया गया तथा वर्तमान में सूखे की स्थिति को देखते हुए सीड आधारित मशीन के माध्यम से धान की सीधी खोज का विकास खंड नरहरपुर के ग्राम बाबूशालोला में किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र से कृषि वैज्ञानिक डॉ.नरेंद्र हरिदास तायडे ने बताया कि कृषि विज्ञान से कृषि एवं बीज तैयार करने की यह विधि आवश्यक नहीं है। प्रोसेसर को सीधे विधि से काम करने में आसानी होती है, यह श्रम और पानी दोनों की बचत होती है, प्रोसेसर का काम कम समय में पूरा हो जाता है। इस मशीन की सहायता से एक नमूने में एक से सवा नानक तक की सहायता हो जाती है। विज्ञान की कमी और जल संकट की स्थिति में यह तकनीकी किसानों के लिए लाभ सिद्ध हो रही है। इसमें स्लीप कंट्रोल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। सीड्रिल मशीन के निर्माण के दौरान ग्राम बाबू सालेटोला के सरपंच, संस्था के अधिकारीगण एवं ग्राम के संतगण उपस्थित थे।
