सोल्जर कैंप बना जिंदगी का यादगार पल
धमतरी – धम्तरी विकासखंड के ग्राम पीपरछेड़ी में 21 मई को सुशासन तिहार का आयोजन किया गया जिसके तहत समाधान परामर्श छात्र नागेश देशमुख के जीवन में नई उम्मीद लेकर आए। वर्षों से इसी तरह के दस्तावेज़ों के बीच शिक्षा प्राप्त कर रहे नागेश के लिए यह दिन खास बन गया, क्योंकि उन्हें राजस्व मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा के हाथों ट्राइसाइकिल प्रदान किया गया था। यह केवल एक सहायक उपकरण नहीं, बल्कि उनके सामान, रूम और ड्रीम को नई दिशा देने वाला माध्यम साबित हुआ।ग्राम पीपरचेरी निवासी नागेश देशमुख फिजियोथैलेटिक अस्थिरता के बावजूद पढ़ाई के प्रति हमेशा गंभीर और समर्पित रहे हैं। सीमित और संरचनात्मक तत्वों के बीच भी उन्हें पैसा नहीं मिलता। स्कूल आने-जाने में उन्हें कई विसंगतियों का सामना करना पड़ा। कभी-कभी परिवार के सदस्यों पर सहमति का पालन नहीं किया जाता था, तो कभी-कभी लंबी दूरी तय करने में अत्यधिक समय और शारीरिक परेशानी होती थी। इसके बावजूद उन्होंने 11वीं की परीक्षा की तैयारी में अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेहनत के दम पर काम किया। वर्तमान में वे आगे की पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवारने की तैयारी कर रहे हैं।सुशासन तिहार के दौरान आयोजित समाधान शिविर में जब उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराया गया, तो नागेश की खुशी देखते ही बन रही थी। ट्राइसाइकिल मीटिंग के बाद अब उनके स्कूल और अन्य स्थानों तक की यात्रा की तुलना में कहीं अधिक आरामदायक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर हो गई है। अब उन्हें छोटे-छोटे किशोरों के लिए अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अंदर उनके सामान को भी बढ़ावा दिया गया है और आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है।नागेश ने पुष्टि करते हुए कहा कि पहले उन्हें कहीं भी आने-जाने में काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब वे आसानी से अपना काम कर पाते हैं। उन्होंने राज्य शासन और जिला प्रशासन के प्रति सामूहिक बातचीत करते हुए कहा कि यह उनके लिए किसी बड़े उपहार से कम सहायता नहीं है।सुशासन तिहार के माध्यम से शासन द्वारा लोगों को मुक्ति का लाभ पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है। समाधान शिविरों में आम नागरिकों की सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराकर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। किसी भी व्यक्ति के जीवन में संवैधानिक शासन, प्रशासन और तकनीशियन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। यह पहला न केवल इलेक्ट्रानिक्स को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में समान अवसर और सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है।
