बेसहारा शिशु गृह को मिले माता-पिता, दुबई के सतवानी दंपत्ति ने गोद ली

जिला पंचायत के सी.ई.ओ. ने दम्पति को विकल्प दिया

कांकेर – जिले में संचालित विशेषीकृत दत्तक लीज एजेंसी के 07 माह के शिशु गृह को दुबई में भारतीय निवास अप्रवासी दम्पति  निखिल सतवानी और श्रीमती स्नेहा सतवानी ने दत्तक लीज विकेंड के तहत कानूनी रूप से गोद ले लिया। इसके लिए श्री निखिल सतवानी व श्रीमती स्नेहा का नामांकन दत्तक ग्रहण संसाधन अधिकार 25 मार्च 2022 को हुआ था। इसके बाद बच्चे का रिज़र्व कर दिया गया।इस प्रकार सतवानी दम्पति ने बच्चे से मुलाकात की और तुरंत बच्चे को गोद लेने के लिए दत्तक ग्रहण संबंधी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया। इस दौरान उन्होंने बच्चे की हर एक बाल क्रिया की जैसे- बच्चे का करवट रिवाल्वर, फ्लिपना, पलटना आदि दोस्तों को दत्तक ग्रहण के व्यवसायियों से कहा जाता है। अंततः 26 मई को बाल दत्तक ग्रहण समारोह में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेश मंडावी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अंकित जैन महिला एवं बाल विकास विभाग सहित श्री महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आदर्श पाण्डे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रीना लारिया की उपस्थिति में दम्पति को बाल दत्तक ग्रहण समारोह में शामिल किया।उल्लेखित है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी में दत्तक में शामिल होने वाले 0-6 आयु वर्ग के बच्चों को रखा जाता है। अब तक एजेंसी के माध्यम से स्वीकृत कानूनी प्रक्रिया के तहत 60 बच्चों को गोद दिया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में 21 बच्चों को गोद में दिया गया है और अन्य राज्यों में 31 बच्चों को गोद में दिया गया है (विदेश में) 08 बच्चों को गोद में दिया गया है। वर्तमान में 44 भावी दत्तक माता-पिता विशेषेश दत्तक लीज एजेंसी में पंजीकृत हैं। भारत में कानूनी रूप से शिशु गोद लेने की प्रक्रिया पूरी तरह से अपवित्रता और सुरक्षा है। वर्तमान में यह व्यवस्था किशोर न्याय (बालकों की व्याख्या एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 तथा संशोधन 2021 एवं दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के अंतर्गत संचालित है। इस पूरी प्रक्रिया को केंद्र स्तर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाला एक वैधानिक निकाय, संबंधित दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकारी समर्थित है, जिसे महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार में निःशुलक के रूप में पंजीकृत किया जाता है। भारत में दत्तक ग्रहण के लिए नियम, पात्रता और इसकी प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत गोद लेने के लिए माता-पिता की आवश्यकता होती है, जिसमें संबंधित दस्तावेज, अवकाश स्थिति, आयु सीमा, स्वास्थ्य जांच (भावी दत्तक माता-पिता और बच्चे), गृह अध्ययन रिपोर्ट से संबंधित दस्तावेजों की पहचान की जाती है। वैध और क़ानूनी तरीक़े से ही दत्तक ग्रहण सुरक्षित है। यदि कहीं भी कोई बेसहारा अनाथ शिशु मिले तो जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग कांकेर या सीधे बाल संरक्षण इकाई 1098 पर सूचित किया जा सकता है।